गाज़ा में मानवीय संकट पर बढ़ी अंतरराष्ट्रीय चिंता, ऑस्ट्रेलिया समेत 24 देशों ने इज़राइल से मांगी राहत सामग्री की निर्बाध आपूर्ति

गाज़ा में मानवीय संकट पर बढ़ी अंतरराष्ट्रीय चिंता, ऑस्ट्रेलिया समेत 24 देशों ने इज़राइल से मांगी राहत सामग्री की निर्बाध आपूर्ति

यरुशलम/कैनबरा – गाज़ा पट्टी में जारी संघर्ष और मानवीय संकट के बीच ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने 24 देशों के विदेश मंत्रियों के साथ मिलकर इज़राइल से तत्काल और निर्बाध मानवीय सहायता की आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की है। इस संयुक्त बयान में स्पष्ट कहा गया है कि गाज़ा में फंसे लाखों लोगों को भोजन, पीने का पानी, दवा और आवश्यक राहत सामग्री पहुँचाने में किसी भी तरह की बाधा अस्वीकार्य है।

पेनी वोंग ने कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवता के सिद्धांतों के तहत सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे मानवीय सहायता पर किसी भी तरह की रोक हटाएं। निर्दोष नागरिकों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और जीवन की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, गाज़ा में महीनों से जारी संघर्ष, नाकेबंदी और सीमित सहायता के कारण कई इलाकों में खाद्य संकट गहराता जा रहा है। राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो यह स्थिति मानवीय आपदा में बदल सकती है।

इसी बीच, इज़राइल ने गाज़ा में व्यापक स्तर पर भूखमरी या कुपोषण की स्थिति के दावों को खारिज कर दिया है। इज़राइली अधिकारियों का कहना है कि अब तक उनके पास किसी भी बड़े पैमाने पर अकाल या भुखमरी के प्रमाण नहीं हैं और ‘फैमिन नैरेटिव’ (भूखमरी की कहानी) को हमास राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।

इज़राइल का यह भी कहना है कि वह मानवीय सहायता के ट्रक गाज़ा में भेज रहा है, लेकिन यह सामग्री अक्सर हमास के नियंत्रण में चली जाती है, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों तक सही मात्रा में मदद नहीं पहुंच पाती। हालांकि, राहत एजेंसियां और स्वतंत्र पर्यवेक्षक इस दावे पर सवाल उठाते हैं और कहते हैं कि इज़राइली नाकेबंदी और सख्त जांच प्रक्रिया ही सबसे बड़ी बाधा है।

संयुक्त बयान जारी करने वाले 24 देशों में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राज़ील और कई यूरोपीय राष्ट्र शामिल हैं। इन देशों ने कहा है कि युद्ध की स्थिति में भी मानवीय सहायता का मार्ग हमेशा खुला रहना चाहिए, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का मूल सिद्धांत है।

गाज़ा में रहने वाले लोगों का कहना है कि सीमित भोजन, पीने के पानी की कमी, दवाओं का अभाव और लगातार बमबारी ने उनके जीवन को असहनीय बना दिया है। कई इलाकों में बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हो रहे हैं और अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

मानवीय संगठनों का कहना है कि राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाना होगा और सभी पक्षों को तुरंत युद्धविराम के लिए तैयार होना चाहिए, ताकि जरूरतमंदों तक मदद सुरक्षित रूप से पहुंच सके।