सिडनी। ऑस्ट्रेलिया में चल रही रॉयल कमीशन की सुनवाई में सोमवार को देश की खुफिया एजेंसी एएसआईओ (ASIO) के प्रमुख माइक बर्गेस ने महत्वपूर्ण गवाही दी। सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी तैयारियों और खुफिया एजेंसियों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।
रॉयल कमीशन ने विशेष रूप से हाल के सुरक्षा मामलों, सार्वजनिक आयोजनों में बढ़ते खतरे और चरमपंथी गतिविधियों से निपटने के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों पर सवाल उठाए। माइक बर्गेस ने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां लगातार बदलते खतरों पर नजर बनाए हुए हैं और विभिन्न समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सुनवाई में यह मुद्दा भी उठा कि क्या सुरक्षा एजेंसियों को पर्याप्त संसाधन और तकनीकी सहायता मिल रही है। आयोग के सदस्यों ने आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए उपलब्ध फंडिंग, कर्मचारियों की संख्या और सुरक्षा ढांचे की मजबूती को लेकर कई सवाल पूछे।
इस दौरान सार्वजनिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों को रोकने के लिए पुलिस और अन्य विभागों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
रॉयल कमीशन आने वाले दिनों में पुलिस अधिकारियों, सुरक्षा विशेषज्ञों और सरकारी प्रतिनिधियों से भी पूछताछ करेगा। माना जा रहा है कि इस जांच के बाद देश की सुरक्षा नीतियों और खुफिया तंत्र में कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।