ऑस्ट्रेलिया में कार चलाने के टैक्स में बड़ा बदलाव, अब सड़क उपयोग शुल्क की तैयारी

ऑस्ट्रेलिया में कार चलाने के टैक्स में बड़ा बदलाव, अब सड़क उपयोग शुल्क की तैयारी

कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया की अल्बानीज़ सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में कार चलाने के तरीके पर टैक्स प्रणाली में बड़ा बदलाव होने वाला है। मौजूदा पेट्रोल-डीज़ल पर लगने वाले फ्यूल एक्साइज़ को धीरे-धीरे सड़क उपयोग शुल्क (Road User Charge) से बदला जा सकता है।

सरकार के अनुसार, फिलहाल पेट्रोल और डीज़ल वाहनों के मालिक प्रति लीटर ईंधन पर 51.6 सेंट टैक्स (फ्यूल एक्साइज़) देते हैं, जिससे देश को हर साल अरबों डॉलर की आय होती है। लेकिन इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मालिकों को यह टैक्स नहीं देना पड़ता। जैसे-जैसे लोग पेट्रोल-डीज़ल से इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर बढ़ रहे हैं, सरकार की आय में कमी आ रही है।

पहले ट्रकों पर ट्रायल, फिर सभी वाहनों पर लागू
खज़ाना मंत्री जिम चाल्मर्स ने बताया कि प्रस्तावित प्रणाली का ट्रायल पहले ट्रकों पर होगा, इसके बाद कारों पर लागू किया जाएगा। यह शुल्क गाड़ी की तय की गई दूरी और सड़क पर चलने के समय के आधार पर तय होगा, ताकि भीड़भाड़ कम करने और सड़क रखरखाव के खर्च पूरे करने में मदद मिले।

संभावित वार्षिक खर्च ₹16-21 हज़ार
न्यू साउथ वेल्स की योजना के आधार पर अनुमान है कि यह नया टैक्स औसतन 300 से 400 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब ₹16,000 से ₹21,000) सालाना हो सकता है। विक्टोरिया के कोषाध्यक्ष टिम पल्लास का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन वजन में भारी होते हैं और सड़कों को ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए उनके लिए भी टैक्स जरूरी है।

क्यों जरूरी है नया टैक्स?
2023-24 में ऑस्ट्रेलियाई मोटर चालकों ने लगभग 15.71 अरब डॉलर का फ्यूल एक्साइज़ टैक्स चुकाया। लेकिन अगले दशक में ईंधन की खपत घटने और EV की संख्या बढ़ने से यह राजस्व कम होता जाएगा। सरकार का मानना है कि बिना नई प्रणाली के सड़कें और बुनियादी ढांचा अच्छी तरह बनाए रखना संभव नहीं होगा।