नई दिल्ली।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर राज्य के विकास और वित्तीय जरूरतों पर चर्चा की। नायडू ने इस दौरान राज्य के लिए 5000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि bifurcation (विभाजन) के बाद से आंध्र प्रदेश लगातार वित्तीय चुनौतियों से जूझ रहा है और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र की अतिरिक्त मदद बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया।
नायडू ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि आंध्र प्रदेश को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार का सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेंगे।
वित्तीय मसलों के अलावा नायडू ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी स्थिति साफ कर दी। उन्होंने कहा कि तेलुगू देशम पार्टी (TDP) NDA की सहयोगी है और चुनाव में गठबंधन के निर्णय के साथ खड़ी रहेगी।
नायडू ने दोहराया कि देश की स्थिरता और विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच भरोसे और सहयोग की नीति को आगे बढ़ाना जरूरी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नायडू की यह मांग और रुख, केंद्र के साथ तालमेल मजबूत करने का संकेत है। एक ओर वे राज्य की वित्तीय जरूरतों को सामने ला रहे हैं, तो दूसरी ओर राष्ट्रीय राजनीति में NDA के प्रति वफादारी दिखा रहे हैं।
👉 यह कदम न केवल आंध्र प्रदेश की राजनीति को प्रभावित करेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी आगामी चुनावी समीकरणों में अहम भूमिका निभा सकता है।