वेस्टमीड अस्पताल में बॉडी वॉर्न कैमरा ट्रायल शुरू

वेस्टमीड अस्पताल में बॉडी वॉर्न कैमरा ट्रायल शुरू

सिडनी के वेस्टमीड अस्पताल में न्यू साउथ वेल्स (NSW) सरकार का 12 महीने का बॉडी वॉर्न कैमरा ट्रायल शुरू हो गया है। इसका उद्देश्य अस्पताल के स्टाफ, मरीजों और आगंतुकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाना है।

स्वास्थ्य मंत्री रयान पार्क ने बताया कि इस ट्रायल में सिडनी के पूर्वी और उत्तरी इलाके, साउथ वेस्टर्न सिडनी, हंटर न्यू इंग्लैंड, इलावारा शोअलहेवन, मिड नॉर्थ कोस्ट और नॉर्दर्न NSW के कुल 15 अस्पताल शामिल हैं। यह ट्रायल दिसंबर 2024 में रॉयल नॉर्थ शोर अस्पताल से शुरू हुआ था।

कैसे काम करेगा ट्रायल
सुरक्षा कर्मियों को बॉडी वॉर्न कैमरे दिए गए हैं, जिन्हें वे हिंसा या आक्रामकता से जुड़ी घटनाओं के दौरान चालू कर सकते हैं—जब स्टाफ, मरीज या किसी अन्य की सुरक्षा खतरे में हो। ट्रायल के अंत में, कैमरों की मौजूदगी से हिंसक घटनाओं को रोकने और हालात को शांत करने की क्षमता का स्वतंत्र मूल्यांकन किया जाएगा।

अन्य सुरक्षा उपाय

  • सुरक्षा जोखिमों का लगातार मूल्यांकन

  • ‘सेफ्टी हडल्स’ के ज़रिए स्टाफ को जानकारी देना

  • मरीज प्रबंधन योजनाएं

  • मल्टी-डिसिप्लिनरी ‘कोड ब्लैक’ टीम

  • अस्पताल डिज़ाइन में सुरक्षित निकास मार्ग

  • लॉकडाउन और सिक्योर एंट्री प्वाइंट

  • ड्यूरस अलार्म

  • सीसीटीवी और बेहतर लाइटिंग

  • पार्किंग क्षेत्रों में नियमित सुरक्षा गश्त

एंडरसन रिव्यू की सिफारिशों पर अमल
यह ट्रायल एंडरसन रिव्यू ऑफ हॉस्पिटल सिक्योरिटी की सिफारिशों को लागू करने का हिस्सा है। सरकार पहले ही सेफ्टी एंड सिक्योरिटी इम्प्रूवमेंट यूनिट की स्थापना, कोड ब्लैक प्रक्रियाओं का मानकीकरण और पेशेंट एक्सपीरियंस ऑफिसर्स के लिए अतिरिक्त सहयोग लागू कर चुकी है।

पैरामैटा की राज्य सांसद डोना डेविस का बयान
डोना डेविस ने कहा,

"हमारे स्टाफ और मरीजों की सुरक्षा मेरी प्राथमिकता है। आक्रामक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई होगी। वेस्टमीड देश के सबसे व्यस्त अस्पतालों में से एक और प्रमुख ट्रॉमा सेंटर है। ज़्यादातर विज़िट्स शांतिपूर्ण होती हैं, लेकिन दुर्भाग्य से कभी-कभी हिंसक घटनाएं भी होती हैं। यह ट्रायल हमारे फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षित माहौल देने की दिशा में अहम कदम है।"