पश्चिमी सिडनी की एक बड़ी नगर परिषद में इन दिनों रसोई की राजनीति तेज़ है। नए अपार्टमेंट्स में गैस कनेक्शन पर संभावित प्रतिबंध के प्रस्ताव ने परिषद को दो खेमों में बाँट दिया है। एक पक्ष कह रहा है — "अब समय है गैस को अलविदा कहने का", तो दूसरा पक्ष चेतावनी दे रहा है कि यह फैसला रोज़गार छीन सकता है और लोगों को खतरनाक ‘खुद-से-खुद’ इंस्टॉलेशन करने पर मजबूर करेगा।
रोज़गार पर सीधा असर
गैस बैन का विरोध करने वाले परिषद सदस्यों और स्थानीय गैस तकनीशियनों का कहना है कि यह कदम सैकड़ों नौकरियों को खतरे में डाल देगा। गैस पाइपलाइन, फिटिंग और मेंटेनेंस से जुड़े कई छोटे व्यवसाय पहले से ही बढ़ती बिजली आधारित रसोई संस्कृति के कारण दबाव में हैं। अगर यह प्रस्ताव पास हो गया, तो इनका भविष्य और धुंधला हो सकता है।
सुरक्षा की आशंका
विरोधियों की एक बड़ी चिंता यह भी है कि अगर गैस का आधिकारिक कनेक्शन बंद कर दिया गया, तो कुछ लोग अवैध और असुरक्षित तरीके से गैस सिलेंडर या पाइपलाइन लगाने लगेंगे। इससे घरों में गैस रिसाव और विस्फोट जैसी घटनाओं का ख़तरा बढ़ सकता है।
समर्थकों की दलील: ‘स्वच्छ हवा, सुरक्षित भविष्य’
गैस बैन के समर्थकों का कहना है कि रसोई में गैस का इस्तेमाल केवल जलवायु परिवर्तन ही नहीं, बल्कि इनडोर एयर क्वालिटी को भी प्रभावित करता है। उनका तर्क है कि नए अपार्टमेंट्स में शुरुआत से ही इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम अपनाने से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती होगी, बच्चों और बुज़ुर्गों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा, और ऊर्जा दक्षता भी बढ़ेगी।
स्थानीय निवासियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
जहाँ कुछ निवासी इसे एक आधुनिक और पर्यावरण-हितैषी कदम मान रहे हैं, वहीं कई पुराने परिवार इसे ‘अपनी रसोई की आज़ादी’ में दखल के रूप में देख रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हम अपने बच्चों को गैस पर पका खाना खिलाकर बड़े हुए हैं। बिजली पर पूरी तरह निर्भर होना महंगा और असुविधाजनक हो सकता है।”
दूसरी ओर, एक युवा अपार्टमेंट मालिक का कहना था, “इलेक्ट्रिक कुकिंग ज़्यादा सुरक्षित है और हमें जलवायु संकट को लेकर कदम उठाने ही होंगे।”
निर्णायक पल करीब
यह प्रस्ताव आगामी परिषद बैठक में मतदान के लिए लाया जाएगा। फैसला चाहे जैसा भी हो, यह बहस साफ़ तौर पर दिखा रही है कि पश्चिमी सिडनी में रसोई