सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य में सिडनी से महज दो घंटे की दूरी पर घने जंगलों के बीच एक ऐसा शहर छुपा है, जो कभी देश की राजधानी बनने का सपना देख रहा था, लेकिन यह सपना हकीकत में बदलने से पहले ही इतिहास के पन्नों में खो गया।
शहरी नियोजन विशेषज्ञ सैम ऑस्टिन ने हाल ही में इस ‘गुप्त शहर’ का खुलासा किया। गूगल मैप्स पर खोजबीन के दौरान उन्होंने पाया कि नॉर्थ आर्म कोव (North Arm Cove) नामक क्षेत्र में सैकड़ों प्लॉट और सड़कों की रूपरेखा पहले से बनी हुई है, लेकिन वहां न तो सड़कें हैं, न बिजली, न ही पानी की व्यवस्था। यह स्थान “पोर्ट स्टीफेंस सिटी” (Port Stephens City) के नाम से जाना जाता है।
पोर्ट स्टीफेंस सिटी को डिज़ाइन किया था मशहूर आर्किटेक्ट वाल्टर बर्ले ग्रिफिन ने, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबेरा का भी नक्शा तैयार किया था। ग्रिफिन ने इस शहर को ‘गार्डन सिटी’ की अवधारणा पर आधारित किया था, जिसमें गोलाकार लेआउट, केंद्रीय रेलवे स्टेशन और हरे-भरे खुले स्थान शामिल थे। 20वीं सदी की शुरुआत में यहां लगभग 4,000 प्लॉट की योजना बनाई गई थी।
जब ऑस्ट्रेलिया की राजधानी के रूप में कैनबेरा को चुना गया, तो पोर्ट स्टीफेंस सिटी का महत्व घट गया और निवेश रुक गया। वर्षों तक यह परियोजना ठप पड़ी रही। आज यह केवल कागज़ी विभाजन (पेपर सबडिवीजन) के रूप में मौजूद है, जहां आधे से ज्यादा प्लॉट निजी स्वामित्व में हैं और बाकी स्थानीय परिषद के पास हैं।
आज यह इलाका घने जंगल और वन्यजीवों का घर है। यहां विकास कार्य शुरू करने के लिए भारी लागत और सख्त पर्यावरणीय मंज़ूरियों की आवश्यकता होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा शहरी इलाकों के विस्तार पर ध्यान देना चाहिए, न कि पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों में नए शहर बसाने पर।
पोर्ट स्टीफेंस सिटी की कहानी ऑस्ट्रेलिया के शहरी विकास के इतिहास में एक अनोखा अध्याय है — एक ऐसा शहर, जो नक्शे पर तो मौजूद है, लेकिन ज़मीन पर कभी बसा ही नहीं।