खामेनेई इस्तीफा दें या उन्हें सत्ता से हटाया जाए: अमेरिकी हमले के बाद ईरान के पूर्व क्राउन प्रिंस रेज़ा शाह पहलवी का बड़ा बयान

खामेनेई इस्तीफा दें या उन्हें सत्ता से हटाया जाए: अमेरिकी हमले के बाद ईरान के पूर्व क्राउन प्रिंस रेज़ा शाह पहलवी का बड़ा बयान

तेहरान/नई दिल्ली, 22 जून 2025: ईरान पर अमेरिकी हवाई हमलों के बाद राजनीतिक भूचाल और गहराता नजर आ रहा है। अब देश के पूर्व क्राउन प्रिंस और निर्वासित नेता रेज़ा शाह पहलवी ने ईरानी शासन पर तीखा हमला बोलते हुए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा शासन ईरान को विनाश की ओर ले जा रहा है और अब समय आ गया है कि इस्लामिक रिपब्लिक को समाप्त कर लोकतांत्रिक परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाया जाए।

रेज़ा शाह ने एक वीडियो बयान में कहा, "ईरानी जनता को अब यह फैसला करना होगा कि क्या वे और अधिक पीड़ा सहने को तैयार हैं या वे इस तानाशाही व्यवस्था को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। खामेनेई और उनकी सरकार ने देश को अंधकार में धकेल दिया है और अब यह स्पष्ट हो गया है कि वे राष्ट्र की रक्षा करने में पूरी तरह विफल हो चुके हैं।"

पूर्व प्रिंस ने ईरान की परमाणु साइट्स पर हुए अमेरिकी हमलों के लिए सीधे तौर पर खामेनेई सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान को अलग-थलग करने, आर्थिक प्रतिबंधों और युद्ध के कगार तक पहुंचाने के लिए इस्लामिक शासन जिम्मेदार है।

उन्होंने ईरान की जनता से एक बार फिर लोकतंत्र की स्थापना के लिए एकजुट होने की अपील की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी समर्थन मांगा।

गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका ने ईरान की तीन प्रमुख परमाणु साइट्स—फोर्डो, नतांज और इस्फहान—पर सफलतापूर्वक हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के बाद ईरान में सुरक्षा एजेंसियों की हालत सवालों के घेरे में है और अब देश के भीतर से भी सत्तारूढ़ शासन के खिलाफ आवाजें उठने लगी हैं।

रेज़ा शाह पहलवी ईरान के अंतिम सम्राट मोहम्मद रज़ा पहलवी के बेटे हैं। इस्लामिक क्रांति के बाद 1979 में शाह के पतन के साथ रेजा शाह और उनका परिवार निर्वासन में चला गया था। तब से वे अमेरिका और यूरोप में रहकर ईरान में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए आवाज उठाते रहे हैं।

इस बयान से ईरान के सियासी माहौल में नई हलचल मच गई है और अब देखना होगा कि खामेनेई शासन इस चुनौती का किस प्रकार जवाब देता है।