काठमाडौं, 5 अक्तूबर — नेपाल में लगातार भारी बारिश ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इसके चलते हवाई अड्डे ठप हो गए हैं, स्कूल-दफ्तर बंद हो चुके हैं और हाईवे तथा मुख्य मार्ग कई स्थानों पर मलबे और भू-स्खलन की चपेट में हैं। सरकार ने स्थिति को गंभीर देखते हुए दो दिनों की सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।
बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने मुख्य मार्गों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे कई इलाकों पूरी तरह कट-ऑफ हो गए हैं।
यात्रियों के लिए हवाई मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं, कई घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गई हैं।
स्कूल, महाविद्यालय और सरकारी कार्यालय बंद रखे गए हैं ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन ने बचाव और राहत कार्यों में सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियों को लगाया है। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टरों एवं नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्थानीय मीडिया और सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस आपदा में दर्जनों लोगों की जान गई है और कई अभी भी लापता हैं। कई घरों को भारी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग ने आगे भी अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की है, खासकर पर्वतीय और नदियों के किनारे बसे क्षेत्रों के लिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह आपदा जलवायु परिवर्तन, अनियोजित शहरी विकास और खराब जल निकासी व्यवस्था का नतीजा है, जिसने वर्षा के खतरों को और बढ़ा दिया।
सरकार ने प्रभावित जिलों में आपात व्यवस्थाएँ जुटाई हैं और मलबा हटाने की कोशिश जारी है।
लोगों से आग्रह किया गया है कि वे मौसम की सूचना पर ध्यान दें, उच्च जोखिम वाले इलाकों से बचें, और जरूरत पड़ने पर बचाव दलों का सहयोग करें।
अधिकारियों ने कहा है कि राहत कार्यों को गति दी जाएगी, प्रभावितों को अस्थायी आश्रय और कृषि व आवास संबंधी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।