सिडनी, ऑस्ट्रेलिया:
नॉर्दर्न बीचेस अस्पताल में दो वर्षीय जो मासा की मौत ने पूरे न्यू साउथ वेल्स (NSW) में चिकित्सा प्रणाली और अस्पतालों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जो की मां, एलोइस मासा, आज भी यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि उनके बेटे की जान क्यों नहीं बचाई जा सकी।
जो मासा को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, लेकिन वहां एक ऐसा जीवनरक्षक उपकरण मौजूद ही नहीं था जो न्यू साउथ वेल्स के अन्य सरकारी अस्पतालों में आमतौर पर उपलब्ध होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह उपकरण वहां होता, तो शायद जो की जान बचाई जा सकती थी।
एलोइस और डैनी मासा, जो के माता-पिता, अब न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। "हमारा बेटा पूरी तरह से स्वस्थ था, लेकिन जब हमें उसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, तो अस्पताल तैयार नहीं था," एलोइस ने कहा।
नॉर्दर्न बीचेस अस्पताल को शुरू से ही एक आधुनिक और उच्च तकनीक से लैस स्वास्थ्य सुविधा के रूप में प्रचारित किया गया था। लेकिन अब यह सामने आया है कि कुछ ज़रूरी और मानक चिकित्सा उपकरण शुरू से ही वहां नहीं लगाए गए थे।
राज्य सरकार की ओर से फिलहाल कोई ठोस जवाब नहीं आया है कि यह लापरवाही कैसे हुई और जिम्मेदार कौन है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है, लेकिन मासा परिवार को अब भी जवाबों का इंतज़ार है।
यह मामला पूरे राज्य के लिए एक चेतावनी है कि जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवाओं में कोई भी कमी या लापरवाही, अमूल्य जीवन को छीन सकती है। अब सवाल यह है कि क्या भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सकेगा, या मासूम जिंदगियों की कीमत पर ही हम सबक लेते रहेंगे?