नई दिल्ली, 1 जुलाई 2025 (संवाददाता)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मंत्री प्रियांक खड़गे ने सोमवार को एक बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी केंद्र की सत्ता में दोबारा लौटती है तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह बयान उन्होंने एक मीडिया बातचीत के दौरान दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
प्रियांक खड़गे, जो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे हैं, ने कहा कि आरएसएस समाज में नफरत फैलाने और संविधान विरोधी गतिविधियों में लिप्त है। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस एक सांप्रदायिक संगठन है और इसके विचार देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे के खिलाफ हैं।
“अगर हम केंद्र की सत्ता में आए, तो हम आरएसएस को बैन करेंगे। यह संगठन न केवल सांप्रदायिकता को बढ़ावा देता है, बल्कि संविधान को भी कमजोर करता है,” — प्रियांक खड़गे
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की विचारधारा समावेशी और संविधान आधारित है, जबकि आरएसएस का एजेंडा विभाजनकारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
भाजपा नेताओं ने इस बयान की कड़ी निंदा की है। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस का यह रवैया देश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रवाद पर हमला है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ने की बात करती है, लेकिन सबसे बड़े सामाजिक संगठन पर प्रतिबंध की धमकी देती है।
आरएसएस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन संघ से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि यह बयान दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक लाभ के लिए दिया गया है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है और तमाम पार्टियां अपने एजेंडे के साथ जनता को साधने की कोशिश में जुटी हैं। प्रियांक खड़गे का यह बयान कांग्रेस के लिए कितना फायदेमंद या नुकसानदायक होगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।