नई दिल्ली/वॉशिंगटन, 18 जुलाई 2025
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापार समझौता अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह डील जल्द ही पूरी हो सकती है और भारत को इस समझौते के तहत "सबसे कम टैरिफ" की पेशकश की जा सकती है। अगर यह डील तय समय से पहले संपन्न हो जाती है, तो यह भारत के लिए निर्यात और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिहाज से एक बड़ा लाभ सिद्ध हो सकता है।
अमेरिका ने हाल ही में 14 देशों के लिए 25 से 40 प्रतिशत तक की टैरिफ दरें तय करने की घोषणा की थी, जो 1 अगस्त 2025 से लागू होनी हैं। हालांकि, भारत को लेकर अमेरिका ने अब तक किसी प्रकार की बाध्यता नहीं जताई है। सूत्रों के अनुसार, भारत के साथ चल रही व्यापार वार्ता को देखते हुए अमेरिका ने 1 अगस्त की समय-सीमा तक विशेष छूट प्रदान की है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम भारत के साथ एक बहुत अच्छा समझौता करने जा रहे हैं। यह डील बहुत कम टैरिफ दरों पर आधारित होगी। सब ठीक चल रहा है।” ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि यह समझौता इंडोनेशिया के साथ किए गए समझौते की तर्ज पर हो सकता है, जहां टैरिफ को 32% से घटाकर 19% किया गया था।
भारतीय उद्योग जगत इस संभावित समझौते को लेकर उत्साहित है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका भारत को 20% से कम टैरिफ वाली श्रेणी में रखता है, तो इससे भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति मिलने की संभावना है।
हालांकि, भारत की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि समझौता भारत की शर्तों और हितों के अनुरूप ही किया जाएगा। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC–PM) के चेयरमैन स. महेंद्र देव ने कहा, “भारत को अपने कृषि, डेयरी और स्थानीय उद्योगों की सुरक्षा के साथ ही अमेरिका के साथ संतुलित समझौता करना चाहिए।”
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर विश्व व्यापार संगठन (WTO) में विवाद चल रहा है। अमेरिका का आरोप है कि भारत द्वारा लगाए गए जवाबी टैरिफ का कोई कानूनी आधार नहीं है, जबकि भारत का कहना है कि यह कदम WTO के नियमों के तहत वैध और आवश्यक था।
भारत-अमेरिका वार्ताओं का वर्तमान दौर वाशिंगटन में संपन्न हो चुका है। माना जा रहा है कि 1 अगस्त की समयसीमा से पहले ही समझौते की औपचारिक घोषणा हो सकती है। अगर यह समझौता तय समय पर हो जाता है, तो यह भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेगा।