तमिलनाडु की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा संदेश देते हुए सुपरस्टार-से-राजनीतिज्ञ बने जोसेफ विजय चंद्रशेखर ने मदुरै की धरती से अपनी ताक़त का ऐलान किया। अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के दूसरे राज्य सम्मेलन में विजय ने हज़ारों समर्थकों की मौजूदगी में स्पष्ट कर दिया कि वे आगामी विधानसभा चुनाव 2026 में किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेंगे और अकेले मैदान में उतरेंगे।
सम्मेलन में विजय ने अपने फिल्मी अंदाज़ को राजनीतिक भाषण में पिरोते हुए कहा – “शेर हमेशा शेर ही रहता है, चाहे जंगल में गीदड़ों की भीड़ क्यों न हो।”
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि DMK और BJP दोनों ही उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदी हैं। विजय ने मंच से दोहराया कि उनकी “वैचारिक दुश्मन” भाजपा है और “राजनीतिक दुश्मन” DMK।
विजय ने अपने समर्थकों से अपील की कि तमिलनाडु की सभी सीटों पर TVK को वोट दें। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह मदुरै पूर्व से चुनाव लड़ेंगे, हालांकि उन्होंने इसे प्रतीकात्मक रूप से पूरे मदुरै की सभी सीटों पर अपनी दावेदारी बताया।
विजय ने कहा कि उनकी पार्टी तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में नया अध्याय लिखेगी। उन्होंने 1967 में DMK की पहली जीत और 1977 में M.G. रामचंद्रन की AIADMK की ऐतिहासिक सफलता का ज़िक्र करते हुए विश्वास जताया कि TVK 2026 में भी ऐसा ही इतिहास रचेगी।
अपने भाषण में विजय ने साफ किया कि उनकी राजनीति जनता की भलाई और असली मुद्दों पर आधारित है। उन्होंने किसानों, युवाओं, महिलाओं, ट्रांसजेंडर समुदाय, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुरक्षा व अधिकारों को अपनी प्राथमिकता बताया।
साथ ही, उन्होंने NEET परीक्षा को रद्द करने और कच्चातीवु द्वीप को वापस लाने जैसे लोकप्रिय मुद्दों को उठाकर केंद्र सरकार को चुनौती दी।
तमिल राजनीति पर लंबे समय से सिनेमा का गहरा असर रहा है। एमजीआर और जयललिता की परंपरा के बाद कई फिल्मी सितारों ने राजनीति में कदम रखा, मगर बड़ी सफलता हर किसी को नहीं मिली। कमल हासन जैसे सितारे अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे।
अब विजय ने इस पंक्ति में नया नाम जोड़ते हुए साफ कर दिया है कि वे AIADMK और DMK जैसे स्थापित द्रविड़ दलों के अधीनस्थ नहीं बनेंगे और अपनी पहचान बनाने आए हैं।