सिडनी, 9 मार्च।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हुए भीषण आतंकी हमले के आरोपी नावेद अख्तर ने अदालत से अपने परिवार की पहचान गुप्त रखने का आदेश जारी करने की मांग की है। आरोपी का कहना है कि मीडिया में लगातार खबरें आने के कारण उसकी मां, भाई और बहन की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। ()
नावेद अख्तर (24) पर आरोप है कि उसने अपने पिता साजिद अख्तर के साथ मिलकर 14 दिसंबर 2025 को बॉन्डी बीच पर यह हमला किया था। यह हमला उस समय हुआ जब यहूदी समुदाय के लोग हनुक्का पर्व का उत्सव मना रहे थे। इस गोलीबारी में 15 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। ()
पुलिस के अनुसार, हमले के दौरान आरोपी के पिता साजिद अख्तर को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था, जबकि नावेद घायल अवस्था में पकड़ा गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस हमले के पीछे इस्लामिक स्टेट (आईएस) से प्रेरित आतंकवादी विचारधारा हो सकती है। ()
सिडनी की डाउनिंग सेंटर लोकल कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी के वकीलों ने अदालत से अनुरोध किया कि मीडिया को उसके परिवार के नाम, पते और अन्य निजी जानकारी प्रकाशित करने से रोका जाए। उनका कहना है कि भारी मीडिया कवरेज के कारण परिवार को मानसिक और शारीरिक खतरे का सामना करना पड़ सकता है। ()
मजिस्ट्रेट ने फिलहाल अस्थायी रूप से परिवार की पहचान को गोपनीय रखने का आदेश दिया है। हालांकि कुछ मीडिया संस्थानों ने इस आदेश का विरोध किया है और कहा है कि मामला पहले से ही व्यापक रूप से सार्वजनिक हो चुका है। ()
नावेद अख्तर के खिलाफ कुल 59 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 15 हत्या, 40 हत्या के प्रयास और आतंकवाद से जुड़े आरोप शामिल हैं। मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होने की संभावना है, जबकि विस्तृत सुनवाई अप्रैल में होगी। ()
इस घटना को ऑस्ट्रेलिया के हाल के वर्षों की सबसे बड़ी आतंकी घटनाओं में से एक माना जा रहा है और इसने देश में सुरक्षा, बंदूक कानून और यहूदी समुदाय की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। ()