कैनबरा में इस हफ्ते शुरू हो रहे केंद्र सरकार के आर्थिक राउंडटेबल से पहले एक नई बहस तेज हो गई है। प्रतिष्ठित थिंक-टैंक ऑस्ट्रेलिया इंस्टीट्यूट ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि देश को उत्तराधिकार कर (Inheritance Tax) और धनकर (Wealth Tax) लागू कर अतिरिक्त 70 अरब डॉलर का राजस्व जुटाना चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार:
2 प्रतिशत धनकर (Wealth Tax) उन लोगों पर लगाया जाए जिनकी संपत्ति 5 मिलियन डॉलर से अधिक है। इससे हर साल लगभग 41 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं।
उत्तराधिकार कर (Inheritance Tax) को फिर से लागू करने से करीब 10 अरब डॉलर की आय होगी। यह कर मृत व्यक्ति की संपत्ति पर उसके उत्तराधिकारियों से लिया जाएगा।
कैपिटल गेंस टैक्स डिस्काउंट को खत्म करने से सरकार को 19 अरब डॉलर की अतिरिक्त आय मिल सकती है।
ऑस्ट्रेलिया इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ अर्थशास्त्री मैट ग्रुडनॉफ ने कहा,
“ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कुछ गिनी-चुनी विकसित अर्थव्यवस्थाओं में है जहां न तो धनकर है और न ही उत्तराधिकार कर। इससे अमीर और गरीब के बीच की खाई लगातार बढ़ रही है।”
उनका कहना है कि यदि इन करों को लागू किया जाए तो न केवल राजस्व बढ़ेगा बल्कि अंतरपीढ़ी असमानता (Intergenerational Inequality) भी कम होगी।
ऑस्ट्रेलिया में 1960 और 1970 के दशक तक उत्तराधिकार कर और संपत्ति कर लागू थे। उस समय इससे GDP का लगभग 0.36 प्रतिशत राजस्व आता था। विशेषज्ञों का मानना है कि आज यह आंकड़ा 10 अरब डॉलर तक जा सकता है।
फेडरल ट्रेज़रर जिम चाल्मर्स इस हफ्ते आर्थिक सुधार शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अगर ऑस्ट्रेलिया को बेहतर स्कूल, अस्पताल, किफायती आवास, विश्वस्तरीय NDIS और एक न्यायसंगत कल्याण प्रणाली चाहिए, तो कर सुधारों पर साहसिक कदम उठाने होंगे।