बीजिंग। चीन ने अपनी विजय दिवस परेड के दौरान आधुनिक युद्धक तकनीकों का ऐसा प्रदर्शन किया जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह शक्ति प्रदर्शन खासकर ताइवान के लिए गंभीर संकेत है।
परेड में चीन ने पनडुब्बी रोधी ड्रोन, स्वचालित रॉकेट सिस्टम और “रोबोटिक वुल्फ़” जैसे हथियारों का प्रदर्शन किया। इन हथियारों ने न केवल तकनीकी प्रगति को दर्शाया बल्कि यह संदेश भी दिया कि आधुनिक युद्ध अब केवल ज़मीनी ताकत तक सीमित नहीं है।
विश्लेषकों का मानना है कि चीन ने इस परेड के ज़रिये साफ कर दिया है कि वह किसी भी संभावित संघर्ष में हाई-टेक हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है। विशेष रूप से ताइवान के संदर्भ में यह प्रदर्शन उसकी सैन्य ताक़त और मनोवैज्ञानिक दबाव दोनों का हिस्सा है।
“रोबोट वुल्फ़” जैसे हथियार आधुनिक युद्ध की बदलती तस्वीर पेश करते हैं। इनका उपयोग टोही, निगरानी और साइबर-सुरक्षा जैसी गतिविधियों में किया जा सकता है। वहीं, पानी के भीतर चलने वाले ड्रोन दुश्मन की पनडुब्बियों और समुद्री सीमाओं पर बड़ा ख़तरा साबित हो सकते हैं।
चीन का यह कदम केवल ताइवान तक सीमित नहीं है। यह परेड वैश्विक समुदाय को भी यह संदेश देती है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बीजिंग की सैन्य मौजूदगी और तकनीकी क्षमता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।