बिहार में नई सरकार के गठन का फॉर्मूला तैयार, अप्रैल में हो सकता है सत्ता परिवर्तन

बिहार में नई सरकार के गठन का फॉर्मूला तैयार, अप्रैल में हो सकता है सत्ता परिवर्तन

बिहार की राजनीति में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार राज्य में नई सरकार के गठन का फॉर्मूला लगभग तय कर लिया गया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अप्रैल के दूसरे सप्ताह में अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 8 या 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद के साथ-साथ विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे सकते हैं। उनके इस्तीफे के तुरंत बाद नई सरकार के गठन की औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।

सरकार के संभावित गठन को लेकर जो फार्मूला सामने आया है, उसके अनुसार जदयू और भाजपा के बीच मंत्रिमंडल में बराबरी का प्रतिनिधित्व होगा। दोनों दलों को 15-15 मंत्री पद दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री के दो पद जदयू के खाते में जा सकते हैं।

सूत्रों का यह भी कहना है कि गृह विभाग पहले की तरह भाजपा के पास ही रहेगा। वहीं बिहार विधानसभा के स्पीकर का पद भी भाजपा के पास रहने की संभावना है। इस नए समीकरण के तहत जदयू राज्य की राजनीति में पहली बार भाजपा की सहयोगी पार्टी के रूप में अपेक्षाकृत छोटे साझेदार की भूमिका में नजर आ सकती है।

हालांकि इन खबरों पर अभी तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह फार्मूला लागू होता है तो बिहार की सत्ता संरचना और राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।