न्यूकैसल। ऑस्ट्रेलिया के न्यूकैसल शहर में ऐतिहासिक समुद्री स्नानागार (बाथ्स) के चेंज रूम पर छत डालने की लगभग 40 मिलियन डॉलर की प्रस्तावित पुनर्विकास योजना को लेकर विवाद गहरा गया है। डेवलपमेंट एप्लिकेशन (डीए) दाखिल होते ही स्थानीय समुदाय और विरासत संरक्षण समूहों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
कई वर्षों से इस प्रस्ताव का विरोध होता रहा है। अब औपचारिक रूप से डीए दाखिल होने के बाद विरोध ने फिर जोर पकड़ लिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह योजना शहर की ऐतिहासिक पहचान के साथ छेड़छाड़ है और इससे समुद्र किनारे स्थित इस धरोहर स्थल की मूल वास्तुकला और खुला स्वरूप प्रभावित होगा।
स्थानीय नागरिकों और विरासत कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चेंज रूम पर स्थायी छत बनाना “विरासत को अलविदा” कहने जैसा है। उनका कहना है कि यह स्थान दशकों से अपने पारंपरिक, खुले ढांचे और समुद्री वातावरण के कारण खास पहचान रखता है। योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं के नाम पर मूल संरचना में बड़े बदलाव किए जाने की आशंका है।
विरोध कर रहे समूहों ने प्रशासन से मांग की है कि परियोजना पर पुनर्विचार किया जाए और किसी भी निर्माण से पहले व्यापक जनपरामर्श आयोजित किया जाए। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की राय को नजरअंदाज कर इतनी बड़ी परियोजना आगे बढ़ाना उचित नहीं है।
वहीं, परियोजना के समर्थकों का तर्क है कि पुनर्विकास से सुविधाएं बेहतर होंगी, सुरक्षा और पहुंच में सुधार होगा तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उनका कहना है कि नई संरचना मौसम की मार से बचाव करेगी और सार्वजनिक उपयोग के लिए स्थान को अधिक सुविधाजनक बनाएगी।
नगर प्रशासन की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन डीए की प्रक्रिया के तहत आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने के लिए निर्धारित समय सीमा तय की गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बहस तेज हो सकती है।
फिलहाल, न्यूकैसल के इस ऐतिहासिक स्थल को लेकर समुदाय दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है—एक ओर आधुनिक विकास की मांग, तो दूसरी ओर विरासत संरक्षण की चिंता।