ना का मतलब सिर्फ ‘ना’ : शशि थरूर ने लोकसभा में वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने वाला विधेयक पेश किया

ना का मतलब सिर्फ ‘ना’ : शशि थरूर ने लोकसभा में वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने वाला विधेयक पेश किया

नई दिल्ली | दिनांक : 06 दिसंबर 2025

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को लोकसभा में एक महत्वपूर्ण निजी विधेयक पेश करते हुए वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत अपने संवैधानिक मूल्यों—विशेषकर महिलाओं की गरिमा और शारीरिक स्वायत्तता—को वास्तविक रूप से लागू करे।

थरूर ने स्पष्ट कहा कि विवाह किसी भी महिला की सहमति के अधिकार को खत्म नहीं कर सकता। उनका कहना था कि जबरन शारीरिक संबंध बनाना न सिर्फ महिला की स्वायत्तता का उल्लंघन है, बल्कि यह पुरुषों द्वारा प्रदर्शित क्रूरता का रूप भी है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

"ना का मतलब सिर्फ ‘ना’, और हमें ‘सिर्फ हां का मतलब हां’ की दिशा में बढ़ना होगा"

लोकसभा में विधेयक पेश करने के बाद थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी लिखा कि वैवाहिक बलात्कार को दंडनीय अपराध घोषित करना आज की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है। उन्होंने कहा कि भारत को उस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए जहां विवाह संस्था महिला की सहमति से ऊपर न मानी जाए।

महिला की गरिमा और अधिकारों की रक्षा आवश्यक

थरूर ने जोर दिया कि हर महिला को विवाह संबंधों के दायरे में भी शारीरिक स्वायत्तता, सम्मान और सुरक्षा का मौलिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि जब पति पत्नी को यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है, तो यह न सिर्फ उसकी इच्छा का अनादर है बल्कि यह लिंग आधारित हिंसा और नियंत्रण की संस्कृति को बढ़ावा देता है।

उन्होंने संसद से अपील की कि देश को ऐसे कानूनों की जरूरत है जो महिलाओं की गरिमा को प्राथमिकता दें और उन्हें किसी भी प्रकार की जबरदस्ती से संरक्षण प्रदान करें।

राजनीतिक व सामाजिक हलकों में चर्चा तेज

थरूर के इस कदम के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में इस मुद्दे पर नई बहस छिड़ गई है। समर्थकों का कहना है कि यह कानून महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक बड़ा कदम होगा, जबकि कुछ हलकों में इस पर अलग-अलग मत भी सामने आ रहे हैं।