लंदन, 12 सितम्बर
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अमेरिका में तैनात ब्रिटिश राजदूत लॉर्ड पीटर मंडेलसन को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। यह निर्णय उस समय लिया गया जब यह खुलासा हुआ कि मंडेलसन ने कुख्यात यौन अपराधी और वित्तीय कारोबारी जेफ़्री एपस्टीन के साथ संबंध बनाए रखे, यहाँ तक कि उसकी आपराधिक गतिविधियाँ उजागर होने के बाद भी।
हाल ही में सामने आए ईमेल और निजी पत्राचार से यह साबित हुआ कि मंडेलसन एपस्टीन के दोष सिद्ध होने के बाद भी उससे संपर्क में थे। इन पत्रों में मंडेलसन ने एपस्टीन को “मेरा सबसे अच्छा दोस्त” कहकर संबोधित किया और यहाँ तक लिखा कि उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों को चुनौती दी जानी चाहिए।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि ये तथ्य “उस स्तर के कहीं अधिक और गहरे संबंध दर्शाते हैं” जो राजदूत की नियुक्ति के समय सामने आए थे।
प्रधानमंत्री स्टार्मर ने इस पूरे घटनाक्रम को “reprehensible” (निंदनीय और अस्वीकार्य) बताते हुए तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने कहा—
“हमारी सरकार नैतिकता और पारदर्शिता के उच्चतम मानकों पर खड़ी है। जब नई जानकारी सामने आई तो हमारे पास कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं था।”
स्टार्मर पहले भी इस मामले पर दबाव में थे। विपक्ष और मीडिया लगातार सवाल उठा रहे थे कि मंडेलसन की नियुक्ति के समय उनके एपस्टीन से रिश्तों की पूरी पड़ताल क्यों नहीं की गई।
पद से हटाए जाने के बाद मंडेलसन ने एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा—
“मैं स्वीकार करता हूँ कि मैंने बहुत देर तक जेफ़्री एपस्टीन से दूरी नहीं बनाई। यह मेरी व्यक्तिगत भूल थी। मैं नहीं समझ पाया था कि यह संबंध एक दिन इतनी बड़ी सार्वजनिक चिंता और विवाद का कारण बनेगा।”
हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्होंने कभी किसी अवैध गतिविधि में भाग नहीं लिया।
विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने नियुक्तियों में आवश्यक सतर्कता नहीं बरती।
लेबर पार्टी के भीतर भी आवाज़ें उठीं कि राजनयिक पदों पर तैनाती से पहले उम्मीदवारों की व्यक्तिगत और पेशेवर पृष्ठभूमि की कड़ी जांच होनी चाहिए।
मीडिया और मानवाधिकार संगठनों ने सवाल उठाए कि जब एपस्टीन के अपराध सालों पहले सार्वजनिक हो चुके थे, तब भी एक वरिष्ठ ब्रिटिश नेता ने उससे निकट संबंध क्यों बनाए रखे।
जेफ़्री एपस्टीन अमेरिकी अरबपति था, जिस पर नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप सिद्ध हुए। 2008 में उसे पहली सजा मिली, पर 2019 में उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले ने वैश्विक तूल पकड़ा। उसी वर्ष जेल में उसकी संदिग्ध मौत हुई। एपस्टीन के नेटवर्क में कई बड़े कारोबारी, राजनेता और हस्तियाँ शामिल बताए जाते रहे हैं।
इस घटना ने ब्रिटेन की विदेश नीति और राजनयिक नियुक्तियों की विश्वसनीयता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमेरिका जैसे महत्त्वपूर्ण देश में नई नियुक्ति करना अब सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी।
विपक्ष इसे आने वाले दिनों में संसद में ज़रूर मुद्दा बनाएगा।
प्रधानमंत्री स्टार्मर की राजनीतिक पूँजी पर भी इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि यह उनके नेतृत्व में पहला बड़ा नियुक्ति-विवाद है।
पीटर मंडेलसन की बर्खास्तगी ने यह साफ कर दिया है कि व्यक्तिगत संबंध, चाहे कितने भी पुराने क्यों न हों, जब सार्वजनिक विश्वास और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा दांव पर हो, तो उन्हें नजरअंदाज़ नहीं किया जा सकता। यह प्रकरण ब्रिटेन की राजनीति और कूटनीति में एक बड़ा सबक बनकर सामने आया है—कि पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि हैं।