ट्रंप का संयुक्त राष्ट्र महासभा में हमला: यूरोप और संयुक्त राष्ट्र पर बरसे

ट्रंप का संयुक्त राष्ट्र महासभा में हमला: यूरोप और संयुक्त राष्ट्र पर बरसे

न्यूयॉर्क। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राजनीतिक वापसी के बाद पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा में जोरदार भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने यूरोपीय देशों और संयुक्त राष्ट्र को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया।

यूरोपीय संघ पर सीधा वार

ट्रंप ने यूरोपीय संघ को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “आपके देश नरक की ओर जा रहे हैं”। उन्होंने दावा किया कि यूरोप अपनी आर्थिक और सुरक्षा नीतियों की वजह से तेजी से कमजोर हो रहा है और वहां के नेतृत्व ने जनता को विफल किया है।

संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल

ट्रंप ने अपने संबोधन में संयुक्त राष्ट्र की उपयोगिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह संस्था अपने मूल उद्देश्यों से भटक चुकी है और वैश्विक शांति व सहयोग की बजाय राजनीतिक दिखावे का मंच बनकर रह गई है।

अमेरिका की भूमिका पर जोर

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिर से वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है और उनकी प्राथमिकता अमेरिकी हितों की रक्षा करना होगी। उन्होंने दोहराया कि उनका दृष्टिकोण “अमेरिका फर्स्ट” ही रहेगा और वे दुनिया को मजबूती से यह संदेश देना चाहते हैं कि अब अमेरिका समझौते और दबाव की राजनीति में नहीं फंसेगा।

राजनीतिक वापसी का सख्त संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह भाषण उनकी राजनीतिक वापसी को और आक्रामक रूप से पेश करने की रणनीति है। उन्होंने जिस तरह से यूरोप और संयुक्त राष्ट्र पर तीखे शब्दों का प्रयोग किया, उससे साफ है कि आने वाले समय में उनकी विदेश नीति का रुख काफी टकराव वाला हो सकता है।