नई दिल्ली, 23 मार्च — मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए लगभग 4,500 नौसैनिक और मरीन सैनिकों को क्षेत्र में तैनात करने का निर्णय लिया है। यह तैनाती ऐसे समय में की गई है जब ईरान के साथ सैन्य टकराव तेजी से गहराता जा रहा है और हालात गंभीर होते दिखाई दे रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने एक विशेष ऑपरेशनल टास्क ग्रुप के तहत इन सैनिकों और युद्धपोतों को मध्य पूर्व की ओर रवाना किया है। बताया जा रहा है कि ये बल प्रशांत महासागर के रास्ते क्षेत्र में पहुंचेंगे। इससे पहले भी अमेरिका करीब 2,000 अतिरिक्त मरीन सैनिकों और कई युद्धपोतों की तैनाती कर चुका है, जो इस बात का संकेत है कि वॉशिंगटन इस स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क और आक्रामक रुख अपना रहा है।
ईरान के खिलाफ कार्रवाई तेज
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने फरवरी के अंत से ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर संयुक्त हमले तेज कर दिए हैं। इन हमलों में राजधानी तेहरान समेत कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए इजराइल और मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
पेंटागन की तैयारी और संभावित खतरे
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने संभावित जमीनी युद्ध को ध्यान में रखते हुए विस्तृत सैन्य रणनीति तैयार की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिससे वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता
मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ा दी है। कई देशों ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की है, ताकि हालात और अधिक न बिगड़ें।
फिलहाल, स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।