नई दिल्ली/काबुल, 17 मार्च:
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर हुए भीषण हवाई हमले को लेकर भारत ने पाकिस्तान की कड़ी निंदा की है। इस हमले में करीब 400 से अधिक लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोग घायल बताए जा रहे हैं।
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को “कायरतापूर्ण और बर्बर कार्रवाई” करार देते हुए कहा कि यह कत्लेआम को मिलिट्री ऑपरेशन बताने की कोशिश है। भारत ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में निर्दोष नागरिकों और चिकित्सा संस्थानों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, काबुल स्थित यह अस्पताल नशा मुक्ति केंद्र के रूप में काम कर रहा था, जहां बड़ी संख्या में मरीज भर्ती थे। देर रात हुए इस हमले में अस्पताल की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और कई लोग मलबे में दब गए।
अफगानिस्तान ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है। वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उसका निशाना आतंकियों के ठिकाने थे, न कि कोई अस्पताल।
भारत ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अफगानिस्तान के साथ एकजुटता दिखाई है और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने की अपील की है।
इस घटना के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे दक्षिण एशिया में सुरक्षा हालात पर असर पड़ सकता है।