ऑस्ट्रेलिया के नेशनल्स सांसद और पूर्व उपप्रधानमंत्री बरनाबी जॉयस ने चेतावनी दी है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तेजी से नौकरियों की जगह ले रही है, खासकर उन कर्मचारियों की जो घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर किसी का काम सिर्फ कंप्यूटर और कीबोर्ड तक सीमित है, तो ऐसी नौकरियों को एआई आसानी से बदल सकता है।
“अगर लोग यह साबित कर दें कि उन्हें दफ्तर आने की जरूरत नहीं है, तो वही साबित कर देंगे कि उन्हें एआई से बदला जा सकता है,” जॉयस ने कहा।
हाल ही में कर्मचारियों को घर से काम करने का अधिकार देने वाले नियमों पर जॉयस ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बदलाव कंपनियों को कर्मचारियों को रखने से हतोत्साहित करता है।
जब उनसे पूछा गया कि नौकरियों को कैसे बचाया जाए, तो जॉयस ने स्वीकार किया कि शायद इसका कोई आसान हल नहीं है। हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि ऑस्ट्रेलियाई युवाओं को ट्रेड्स (जैसे इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, बढ़ई) की ओर रुख करना चाहिए।
उन्होंने कहा,
“डॉक्टर अच्छी कमाई करते हैं, लेकिन एआई कभी खुद को प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन या बढ़ई में नहीं बदल सकता। ट्रेड्स में रोज़गार लंबे समय तक सुरक्षित रहेगा।”
इस महीने आई प्रोडक्टिविटी कमीशन की रिपोर्ट में कहा गया कि एआई पर ज़्यादा सख्त नियम लगाने से इनोवेशन को नुकसान होगा और ऑस्ट्रेलिया दूसरे देशों से पीछे रह सकता है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि मौजूदा कानूनों को एआई के अनुरूप बनाया जाए, और सिर्फ ज़रूरी मामलों में ही एआई-विशेष नियम लागू हों। साथ ही, उच्च जोखिम वाले एआई इस्तेमाल पर तुरंत “गार्डरेल्स” लगाने की बजाय मौजूदा नियमों की समीक्षा पूरी होने का इंतजार करने की सिफारिश की गई।