सिडनी: ऑस्ट्रेलियाई टैक्स ऑफिस (ATO) ने 2024-25 वित्त वर्ष की टैक्स रिटर्न प्रक्रिया में अब तक 26 लाख से अधिक लोगों को रिफंड जारी कर दिया है। इन रिफंड्स की औसत राशि रही है 2,548 ऑस्ट्रेलियन डॉलर (लगभग ₹1.4 लाख)। कुल मिलाकर 6.6 अरब डॉलर से ज्यादा रकम लौटाई गई है।
अब तक 40 लाख से ज्यादा लोग टैक्स रिटर्न दाखिल कर चुके हैं, जबकि हर साल करीब 1.4 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई यह प्रक्रिया पूरी करते हैं। रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर है। जो लोग टैक्स एजेंट के जरिए रिटर्न फाइल करना चाहते हैं, उन्हें भी इसी तारीख तक रजिस्टर होना होगा।
एच एंड आर ब्लॉक के टैक्स विशेषज्ञ मार्क चैपमैन के अनुसार, एटीओ की सिस्टम से प्री-फिल डेटा मिल जाता है, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। बैंक और अन्य संस्थान अक्सर जुलाई के अंत या अगस्त तक ही सही जानकारी एटीओ को भेजते हैं। ऐसे में जल्दी रिटर्न भरने वालों के पास अधूरी जानकारी रहती है। अगर कोई आय छूट जाती है तो जिम्मेदारी टैक्स पेयर पर ही आती है।
एटीओ ने 40 से अधिक उद्योग और पेशा-विशेष गाइड्स जारी किए हैं जिनसे पता लगाया जा सकता है कि कौन-से खर्चे टैक्स डिडक्शन में आएंगे।
₹15,000 तक (AU$300) की चीज़ें तुरंत क्लेम हो सकती हैं।
महंगे सामान की कटौती कई सालों में मिलती है।
आम उदाहरण: कामकाज के लिए टूल्स, ऑफिस वर्कर के लिए लैपटॉप, या वर्क डॉक्युमेंट ले जाने वाला बैग।
फाइंडर रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक,
52% लोग अपने रिफंड को सेविंग्स में डालने की योजना बना रहे हैं।
19% लोग इसे घर के बिल चुकाने में लगाएंगे।
छुट्टियों (7%), होम लोन (6%) और शॉपिंग (5%) पर खर्च करने वालों की संख्या कम है।
फाइंडर के रिसर्च हेड ग्राहम कुक का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच ज़्यादातर परिवार ज़रूरी खर्चों और बचत को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अधिकांश रिफंड दो हफ्ते के भीतर जारी हो जाते हैं। टैक्सपेयर्स अपने रिटर्न की स्थिति एटीओ ऐप या myGov पोर्टल पर देख सकते हैं।