अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक नेताओं के साथ विशेष समझौतों के तहत देशों पर नए टैरिफ दरों की घोषणा करते हुए एक कार्यकारी आदेश जारी किया है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया को इस बढ़ोतरी से राहत मिल गई है।
ट्रंप प्रशासन की ओर से जारी ताज़ा आदेश के अनुसार, जो देश सूची में शामिल नहीं हैं, उन पर मौजूदा 10 प्रतिशत बेसलाइन टैरिफ ही लागू रहेगा। ऑस्ट्रेलिया इस सूची में शामिल नहीं है, जिससे साफ है कि उस पर कोई अतिरिक्त टैरिफ नहीं लगेगा।
ऑस्ट्रेलिया के अलावा, ब्रिटेन और ब्राज़ील जैसे कुछ ही देश हैं जिन्हें सबसे कम 10 प्रतिशत टैरिफ दर का लाभ मिला है। इसके विपरीत, न्यूज़ीलैंड जैसे देशों को इस आदेश के तहत झटका लगा है। न्यूज़ीलैंड का टैरिफ 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है।
व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक फैक्ट शीट में बताया गया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यह कदम "अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा" के उद्देश्य से उठाया है। आदेश में कहा गया है, "यह निर्णायक कदम अमेरिकी श्रमिकों, किसानों और निर्माताओं के हितों की रक्षा करते हुए वैश्विक व्यापार को संतुलित और पारस्परिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।"
इससे पहले 2 अप्रैल को ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की थी और उन देशों पर अलग से अधिक टैरिफ लगाने की बात कही थी जिनके साथ अमेरिका का व्यापार घाटा ज्यादा है। अब इस नई सूची में उन्हीं देशों के टैरिफ संशोधित किए गए हैं, जिन्होंने या तो अमेरिका से कोई समझौता नहीं किया है या राष्ट्रपति की नजर में अपर्याप्त पेशकश की है।
ट्रंप के इस कदम से साफ है कि अमेरिका उन देशों को पुरस्कृत कर रहा है जो सुरक्षा और व्यापार में सहयोग की भावना दिखा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के साथ अमेरिका के घनिष्ठ संबंधों का ही परिणाम है कि उसे टैरिफ बढ़ोतरी से राहत मिली है।