जोसुआ डेल ब्राउन, जिस पर बाल यौन अपराध का गंभीर आरोप लगा है, उसे कम से कम तीन अन्य बच्चों के देखभाल केंद्रों से पहले ही नौकरी से निकाला जा चुका था। इसके अलावा, उसके रिज़्यूमे (सीवी) में कई महत्वपूर्ण जानकारियों में भी स्पष्ट गलतियाँ पाई गईं।
इस बारे में जांच के दौरान पता चला है कि जोसुआ ब्राउन ने अपने पिछले अनुभव और योग्यता के विवरण में जानबूझकर गलतियां की थीं, जिससे वह अपने आप को अधिक योग्य और भरोसेमंद दिखा सके। इससे पहले भी कई बच्चों के देखभाल केंद्रों ने उसकी भूमिका में गंभीर खामियां पाई थीं और उसे निकाला था।
हालांकि, इसके बावजूद वह एक बार फिर एक केंद्र में काम करने लगा, जहां उसके खिलाफ बाल यौन शोषण के आरोप सामने आए। स्थानीय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
विशेषज्ञों ने कहा है कि बच्चों के देखभाल केंद्रों में भर्ती से पहले कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की कड़ी जांच और सत्यापन की आवश्यकता है, ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके।
यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।