देशभर में पहले से ही बढ़ती पेट्रोल कीमतों से परेशान आम जनता के लिए अब एक और चिंता सामने आ रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में रोजमर्रा की जरूरतों की चीज़ें, खासकर किराना सामान, भी महंगे हो सकते हैं।
सोमवार को देश के शीर्ष नेताओं की होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले यह संकेत मिल रहे हैं कि महंगाई का असर अब केवल ईंधन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा प्रभाव रसोई तक पहुंचेगा। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण परिवहन लागत में इजाफा हुआ है, जिसका असर अब खाद्य पदार्थों की कीमतों पर दिखने लगा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई चेन पर बढ़ते दबाव, वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव और उत्पादन लागत में वृद्धि के चलते खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
आम लोगों का कहना है कि पहले ही ईंधन की कीमतों ने बजट बिगाड़ दिया है, ऐसे में अगर किराने का सामान भी महंगा हुआ तो घर चलाना और मुश्किल हो जाएगा।
सरकार पर अब दबाव बढ़ रहा है कि वह महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए। सोमवार की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा होने की उम्मीद है।
यदि समय रहते प्रभावी नीतियां नहीं बनाई गईं, तो आने वाले समय में आम आदमी को दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है—एक तरफ ईंधन की कीमतें और दूसरी तरफ महंगा राशन।