एयर इंडिया विमान हादसा: एक इंजन नया था, दूसरा मेंटेनेंस के लिए निर्धारित – चेयरमैन चंद्रशेखरन

हादसे में कम से कम 270 लोगों की मौत, जांच जारी

एयर इंडिया विमान हादसा: एक इंजन नया था, दूसरा मेंटेनेंस के लिए निर्धारित – चेयरमैन चंद्रशेखरन

नई दिल्ली/अहमदाबाद, 19 जून 2025 – पिछले हफ्ते लंदन के लिए उड़ान भरने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजनों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने खुलासा किया है कि विमान का एक इंजन हाल ही में मार्च 2025 में बदला गया था, जबकि दूसरा इंजन दिसंबर 2025 तक मेंटेनेंस के लिए निर्धारित था।

गौरतलब है कि यह विमान 12 जून को अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरते ही कुछ ही सेकंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और एक मेडिकल छात्रावास से टकरा कर आग के गोले में तब्दील हो गया था। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 270 लोगों की जान चली गई।

चेयरमैन चंद्रशेखरन ने एक भारतीय न्यूज़ चैनल से बातचीत में कहा, "दाहिने (राइट) इंजन को मार्च 2025 में बदला गया था, जबकि बाएं (लेफ्ट) इंजन का आखिरी सर्विसिंग 2023 में हुआ था और उसकी अगली जांच दिसंबर 2025 के लिए निर्धारित थी।"

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हादसे की जांच अभी शुरुआती दौर में है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले संयम बरतना जरूरी है। "विभिन्न अटकलें सामने आ रही हैं — मानव त्रुटि, तकनीकी खामी या रखरखाव की चूक — लेकिन फिलहाल यह कहा जा सकता है कि यह विशेष विमान (AI171) पूरी तरह से सेवा रिकॉर्ड में साफ था," उन्होंने कहा।

फ्लाइट के ब्लैक बॉक्स (कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर) बरामद कर लिए गए हैं। इससे जांचकर्ताओं को विमान की गति, ऊँचाई, इंजन की स्थिति, और पायलटों की बातचीत जैसी जानकारियों का विश्लेषण करने में मदद मिलेगी।

चेयरमैन ने उम्मीद जताई है कि अगले एक महीने में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो सकती है। तब तक उन्होंने मीडिया और जनता से संयम बरतने की अपील की है।

पृष्ठभूमि: एयर इंडिया की यह उड़ान अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी। टेक-ऑफ के कुछ ही क्षणों बाद यह दुर्घटना हुई, जिससे मेडिकल हॉस्टल में भी कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। हादसे का एकमात्र जीवित यात्री, विश्वकुमार रमेश, अब अपने दिवंगत भाई के अंतिम संस्कार में शामिल हो रहा है।

यह हादसा भारत की विमानन सुरक्षा व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े करता है, वहीं अब सबकी निगाहें ब्लैक बॉक्स की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस त्रासदी की सच्चाई सामने लाने में मदद करेगी।