दिल्ली-NCR में एयर टैक्सी सेवा की तैयारी, मिनटों में ऑफिस और अस्पताल तक पहुंच संभव

दिल्ली-NCR में एयर टैक्सी सेवा की तैयारी, मिनटों में ऑफिस और अस्पताल तक पहुंच संभव

नई दिल्ली।
दिल्ली-नोएडा-गुरुग्राम समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में रोज़ाना ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। आने वाले वर्षों में NCR में एयर टैक्सी सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है, जिससे लोगों का सफर घंटों की जगह अब कुछ ही मिनटों में पूरा हो सकेगा। यह सेवा खासतौर पर ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, एयरपोर्ट यात्रियों और आपातकालीन चिकित्सा जरूरतों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

जानकारी के मुताबिक, यह योजना एडवांस्ड एयर मोबिलिटी (AAM) मॉडल पर आधारित होगी, जिसमें इलेक्ट्रिक तकनीक से चलने वाली वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग वाली एयर टैक्सियों का इस्तेमाल किया जाएगा। ये एयर टैक्सियां सड़क यातायात से पूरी तरह अलग हवाई मार्ग से उड़ान भरेंगी, जिससे जाम की समस्या से निजात मिलेगी।


12 से 20 मिनट में पूरा होगा शहरों के बीच सफर

वर्तमान में गुरुग्राम से सेंट्रल दिल्ली या नोएडा तक पहुंचने में अक्सर एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है। ट्रैफिक अधिक होने पर यह समय दो घंटे से भी ज्यादा हो जाता है। प्रस्तावित एयर टैक्सी सेवा के जरिए यही दूरी महज 12 से 20 मिनट में तय की जा सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण में भी कमी आएगी, क्योंकि ये एयर टैक्सियां पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी।


छतों पर बनेंगे वर्टीपोर्ट, अस्पतालों को मिलेगा बड़ा लाभ

एयर टैक्सी के संचालन के लिए वर्टीपोर्ट बनाए जाने की योजना है। ये वर्टीपोर्ट ऊंची इमारतों, व्यावसायिक परिसरों, मॉल, आईटी पार्क और अस्पतालों की छतों पर विकसित किए जाएंगे। इससे ज़मीन पर अतिरिक्त जगह लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सेवा को तेजी से शुरू किया जा सकेगा।

अस्पतालों में वर्टीपोर्ट बनने से एयर एम्बुलेंस सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। गंभीर मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक जल्दी पहुंचाया जा सकेगा। इसके अलावा, अंग प्रत्यारोपण के लिए ऑर्गन ट्रांसपोर्ट जैसी संवेदनशील सेवाओं में भी यह तकनीक अहम भूमिका निभा सकती है।


पायलट प्रोजेक्ट के रूप में होगी शुरुआत

सूत्रों के अनुसार, इस योजना को पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जाएगा। शुरुआती चरण में चुनिंदा रूट्स—जैसे गुरुग्राम-दिल्ली, दिल्ली-नोएडा और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी—को शामिल किया जा सकता है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे पूरे NCR में विस्तार दिया जाएगा।

हालांकि, इस सेवा को शुरू करने से पहले नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से सुरक्षा मानकों, हवाई मार्ग निर्धारण और संचालन से जुड़ी मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही शोर नियंत्रण, हवाई सुरक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों से दूरी जैसे पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।


देश के अन्य महानगरों तक पहुंचेगी तकनीक

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दिल्ली-NCR में एयर टैक्सी मॉडल सफल रहता है, तो इसे भविष्य में मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और पुणे जैसे बड़े महानगरों में भी लागू किया जा सकता है। बढ़ती शहरी आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एयर टैक्सी को भविष्य की शहरी परिवहन प्रणाली का अहम हिस्सा माना जा रहा है।


शहरी परिवहन में नया अध्याय

कुल मिलाकर, एयर टैक्सी सेवा दिल्ली-NCR के परिवहन तंत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा को भी बढ़ावा मिलेगा। यदि सभी तकनीकी और नियामक मंजूरियां समय पर मिल जाती हैं, तो आने वाले कुछ वर्षों में NCR की फिजा में टैक्सियां उड़ान भरती नजर आ सकती हैं।