आव्रजन नीति से बढ़ रही मकान कीमतें: आलोचना के घेरे में अल्बनीज़ सरकार

आव्रजन नीति से बढ़ रही मकान कीमतें: आलोचना के घेरे में अल्बनीज़ सरकार

कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया में मकान कीमतें पहले से ही आम लोगों की पहुंच से बाहर हैं, और अब प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ की सरकार पर आरोप लग रहा है कि वह अपनी नीतियों से इस संकट को और गहरा कर रही है। आलोचकों का कहना है कि सरकार चुनावी मोर्चे पर उपलब्धियों की कमी को छुपाने के लिए आव्रजन को बढ़ावा दे रही है और इससे आवास बाजार में दबाव और बढ़ रहा है।

विश्लेषकों के अनुसार, जब देश के बड़े शहरों में पहले ही किराए और मकान की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं, ऐसे में तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या स्थिति को और जटिल बना रही है। उच्च आव्रजन दर का सीधा असर घर खरीदने और किराए पर लेने वालों पर पड़ रहा है।

विपक्ष और कुछ आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार जानबूझकर संपत्ति बाजार को "फूलाए" रख रही है, ताकि निवेशकों और डेवलपर्स को लाभ मिले। इससे आम परिवारों का "अपना घर" का सपना लगातार दूर होता जा रहा है।

दूसरी ओर, सरकार का तर्क है कि आव्रजन से देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलती है और श्रमिकों की कमी पूरी होती है। लेकिन विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि जब तक पर्याप्त आवास निर्माण नहीं होगा, तब तक बढ़ती आबादी केवल संकट को और गहरा करेगी।

स्थानीय नागरिकों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या सरकार लोगों की वास्तविक परेशानियों को समझेगी, या फिर संपत्ति बाजार को "आर्थिक इंजन" बनाकर आगे बढ़ाती रहेगी?