कैनबरा, 10 मार्च।
मध्य पूर्व में जारी तनाव और संभावित वैश्विक तेल आपूर्ति बाधाओं के बीच ऑस्ट्रेलियाई संसद में मंगलवार को ईंधन सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने पेट्रोल और डीज़ल की संभावित कमी को लेकर सरकार पर तीखा हमला किया, जबकि प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने स्पष्ट किया कि देश की ईंधन आपूर्ति सुरक्षित है और किसी प्रकार की कमी की आशंका नहीं है।
विपक्षी नेता पीटर डटन की ओर से ऊर्जा मामलों के प्रवक्ता एंगस टेलर ने प्रश्नकाल की शुरुआत करते हुए सरकार से पूछा कि क्या ऑस्ट्रेलिया संभावित पेट्रोल संकट के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हो सकते हैं और इससे ऑस्ट्रेलिया की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
इसके जवाब में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने संसद को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार ने ईंधन सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया की ईंधन आपूर्ति सुरक्षित है और सरकार स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है। नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है।”
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार रणनीतिक ईंधन भंडार, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखने के लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अनावश्यक भय फैलाने की कोशिश कर रहा है।
दूसरी ओर, विपक्ष का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया की घरेलू रिफाइनिंग क्षमता घटने के कारण देश आयातित ईंधन पर अधिक निर्भर हो गया है, जिससे किसी भी वैश्विक संकट की स्थिति में जोखिम बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में संघर्ष लंबे समय तक जारी रहने पर वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में पेट्रोल और डीज़ल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
संसद में ईंधन सुरक्षा को लेकर यह बहस ऐसे समय में हो रही है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा बाजार पहले से ही अस्थिर बने हुए हैं। सरकार ने कहा है कि वह हालात पर कड़ी नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाने के लिए तैयार है।