एंगस टेलर का वन नेशन समर्थकों को सीधा संदेश: “निराशा समझते हैं, भरोसा फिर से जीतेंगे”

एंगस टेलर का वन नेशन समर्थकों को सीधा संदेश: “निराशा समझते हैं, भरोसा फिर से जीतेंगे”

कैनबरा, 13 फरवरी 2026। ऑस्ट्रेलिया की मुख्य विपक्षी पार्टी लिबरल पार्टी के नए नेता Angus Taylor ने वन नेशन की ओर रुख कर रहे नाराज़ मतदाताओं को खुला संदेश दिया है। नेतृत्व संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी से “बड़ी चूकें” हुईं और अब समय आ गया है कि लिबरल पार्टी “बदलाव करे, वरना खत्म हो जाए।”

टेलर ने कहा, “जो लोग लिबरल पार्टी से निराश होकर Pauline Hanson की One Nation या किसी अन्य दल की ओर जाने का सोच रहे हैं, हम आपकी निराशा समझते हैं। हम आपके भरोसे को दोबारा जीतने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।”

“सुविधा की राजनीति नहीं, विश्वास की राजनीति”

टेलर ने माना कि पार्टी ने हाल के वर्षों में “सुविधा की राजनीति” को तरजीह दी और अपने मूल मूल्यों से भटक गई। उन्होंने कहा, “हम कुछ बड़े फैसलों में गलत रहे, खासकर व्यक्तिगत आयकर के मुद्दे पर। यह दोबारा नहीं होगा।”

हालिया सर्वेक्षणों में वन नेशन की लोकप्रियता बढ़ने और मुख्य विपक्षी गठबंधन से आगे निकलने के संकेत मिले हैं। इस पृष्ठभूमि में टेलर का यह संदेश पार्टी के परंपरागत समर्थकों को वापस लाने की कोशिश माना जा रहा है।

अर्थव्यवस्था और आव्रजन पर फोकस

नए नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकताएँ अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और आव्रजन नीति में सख्ती होंगी। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के जीवन स्तर को बहाल करना और “उनके जीवन-तरीके की रक्षा” करना ही पार्टी का मुख्य लक्ष्य रहेगा।

नेतृत्व परिवर्तन की पृष्ठभूमि

टेलर ने पार्टी नेतृत्व की दौड़ में Sussan Ley को हराया, जिसके बाद ले ने भावुक संबोधन में सक्रिय राजनीति से संन्यास की घोषणा की। टेलर के साथ नई उपनेता के रूप में Jane Hume को चुना गया है। ह्यूम ने कहा, “लिबरल पार्टी उम्मीद और आकांक्षा की पार्टी है। अब हमें साहस और स्पष्टता के साथ आगे बढ़ना होगा।”

“बदलाव नहीं किया तो अस्तित्व पर संकट”

टेलर ने चेतावनी दी कि यदि अभी चुनाव हो जाएँ तो पार्टी का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “हम यहाँ इसलिए पहुँचे क्योंकि हमने लोगों की बात सुनना बंद कर दिया था। यह आज से खत्म होता है।”

विश्लेषण:
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टेलर का यह रुख लिबरल पार्टी के पारंपरिक समर्थकों को फिर से जोड़ने की रणनीति है, खासकर उन मतदाताओं को जो बढ़ती महंगाई, कर नीति और आव्रजन को लेकर असंतुष्ट हैं। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या यह नेतृत्व परिवर्तन पार्टी की गिरती साख को संभाल पाएगा या नहीं।