लंदन/कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने ब्रिटेन के शाही परिवार को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि प्रिंस एंड्रयू को राजगद्दी की उत्तराधिकार सूची से हटा दिया जाना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रिंस एंड्रयू पहले ही अपने शाही खिताब और सार्वजनिक भूमिकाएं खो चुके हैं।
प्रिंस एंड्रयू, जिन्हें पिछले वर्ष अमेरिकी वित्तीय अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादों के कारण शाही कर्तव्यों से अलग कर दिया गया था, वर्तमान में ब्रिटेन की राजगद्दी की उत्तराधिकार सूची में आठवें स्थान पर हैं। उनसे पहले प्रिंस विलियम, उनके तीन बच्चे, तथा प्रिंस हैरी और उनके दो बच्चे उत्तराधिकार क्रम में शामिल हैं।
अल्बनीज़ ने कहा कि आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप शाही व्यवस्था में पारदर्शिता और नैतिकता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका संकेत था कि जिन सदस्यों पर गंभीर आरोप लगे हों, उन्हें उत्तराधिकार की सूची में बने रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
गौरतलब है कि प्रिंस एंड्रयू ने 2019 में अपने सार्वजनिक कर्तव्यों से कदम पीछे खींच लिए थे। बाद में बकिंघम पैलेस ने घोषणा की कि वे अपने सैन्य और शाही संरक्षण संबंधी सभी खिताबों का उपयोग नहीं करेंगे। हालांकि, वे अब भी आधिकारिक रूप से उत्तराधिकार की पंक्ति में शामिल हैं।
ब्रिटेन में शाही उत्तराधिकार व्यवस्था संसद द्वारा निर्धारित कानूनों के तहत संचालित होती है। किसी भी बदलाव के लिए संसद की स्वीकृति आवश्यक होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार चाहे तो कानून में संशोधन कर उत्तराधिकार सूची में बदलाव संभव है, लेकिन यह एक जटिल और संवेदनशील प्रक्रिया होगी।
अल्बनीज़ के बयान के बाद राजनीतिक और संवैधानिक हलकों में बहस तेज हो गई है। कुछ लोगों का मानना है कि यह मामला पूरी तरह ब्रिटेन का आंतरिक विषय है, जबकि अन्य इसे शाही परिवार की साख से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं।
फिलहाल, बकिंघम पैलेस की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।