शंघाई/बीजिंग/चेंगडू: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज छह दिवसीय चीन दौरे पर रवाना हो रहे हैं, जहां वे दोनों देशों के बीच 9.2 बिलियन डॉलर के पर्यटन संबंधों को मजबूती देने पर जोर देंगे। इस यात्रा में पांडा संरक्षण, फुटबॉल डिप्लोमेसी और पर्यटन तकनीक प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं।
चीन, ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और दोनों देशों के बीच वस्तु एवं सेवा व्यापार का कुल मूल्य 312 बिलियन डॉलर है—जो जापान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका जैसे तीनों प्रमुख भागीदारों के कुल व्यापार से अधिक है।
प्रधानमंत्री अल्बानीज शंघाई, बीजिंग और चेंगडू की यात्रा करेंगे। वे शंघाई पोर्ट फुटबॉल क्लब के साथ एक मीडिया कार्यक्रम में भी भाग लेंगे, जिसे पूर्व सोकरूस डिफेंडर केविन मस्कट लीड कर रहे हैं। यह फुटबॉल डिप्लोमेसी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करेगी।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री शंघाई में स्थित Trip.com के मुख्यालय का दौरा करेंगे। Trip.com दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन ट्रैवल साइट है और इसके अंतर्गत Skyscanner, Qunar और MakeMyTrip जैसी कंपनियाँ आती हैं।
मार्च 2025 तक के पिछले 12 महीनों में, मुख्यभूमि चीन से ऑस्ट्रेलिया में कुल 8.6 लाख यात्राएं दर्ज की गईं, जिससे पर्यटन से कुल 9.2 बिलियन डॉलर की आय हुई। यह ऑस्ट्रेलिया में कुल अंतरराष्ट्रीय पर्यटन खर्च का लगभग एक चौथाई है।
ऑस्ट्रेलिया चीन के लिए खर्च के लिहाज से सबसे बड़ा पर्यटन बाज़ार है, जबकि न्यूज़ीलैंड के बाद दूसरा सबसे बड़ा आगंतुक स्रोत देश है। वर्ष 2024 में चीन लगभग हर राज्य और क्षेत्र (सिवाय नॉर्दर्न टेरिटरी) के लिए शीर्ष पाँच पर्यटक स्रोतों में शामिल रहा और न्यू साउथ वेल्स, विक्टोरिया और ACT में तो यह शीर्ष स्थान पर रहा।
हालांकि महामारी से पहले के आंकड़ों तक पहुंचना अभी बाकी है, लेकिन सितंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया को फिर से चीनी समूह यात्राओं के लिए 'स्वीकृत गंतव्य' की सूची में शामिल किया गया। इसके बाद से 4500 से अधिक समूह यात्राएं यात्रा एजेंसियों के जरिए आयोजित की जा चुकी हैं।
इसके अलावा, फरवरी 2025 तक ऑस्ट्रेलिया से चीन की पर्यटन यात्रा में साल-दर-साल 73.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चीन में ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक अब 30 दिनों तक वीजा-फ्री यात्रा का लाभ भी उठा सकते हैं।
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज शनिवार को चीन रवाना होंगे। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।