चीन यात्रा पर एंथनी अल्बनीज़ को चीनी मीडिया की सराहना, द्विपक्षीय संबंधों में नए युग की ओर इशारा

चीन यात्रा पर एंथनी अल्बनीज़ को चीनी मीडिया की सराहना, द्विपक्षीय संबंधों में नए युग की ओर इशारा

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ की चीन यात्रा को चीनी सरकारी मीडिया ने सकारात्मक तरीके से प्रस्तुत किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बीजिंग, ऑस्ट्रेलिया के साथ संबंधों को नए सिरे से बेहतर करने को लेकर गंभीर है।

चीन के कम्युनिस्ट पार्टी समर्थित मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने इस बैठक को "बाहरी व्यवधानों से दूर रहकर द्विपक्षीय संबंधों की स्थिर प्रगति के लिए स्वर निर्धारित करने वाला" बताया। इस टिप्पणी को अमेरिका पर अप्रत्यक्ष निशाने के रूप में देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने मंगलवार को बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच समुद्री अभ्यासों, ताइवान को लेकर शांति बनाए रखने, और व्यापार संबंधों को लेकर बातचीत हुई। इसके बावजूद चीनी मीडिया ने अल्बनीज़ की यात्रा की गर्मजोशी से सराहना की।

ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक आलेख में कहा गया,

"चीन-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में आया यह बदलाव दोनों देशों की जनता की वास्तविक अपेक्षाओं को दर्शाता है। यह इस बात का भी प्रमाण है कि दोनों देश एक-दूसरे के विकास के अवसर हैं।"

हालाँकि कुछ संवेदनशील मुद्दों को लेख में छुआ जरूर गया, लेकिन उन्हें प्राथमिकता नहीं दी गई, जैसे कि डार्विन पोर्ट को लेकर विवाद। अल्बनीज़ ने चुनावी प्रचार के दौरान डार्विन पोर्ट का 99 साल का पट्टा समाप्त करने की बात कही थी, जिसे चीनी कंपनी लैंडब्रिज होल्डिंग्स के पास दिया गया था। इस पर ग्लोबल टाइम्स पहले "नैतिक रूप से संदिग्ध" और "कट्टरपंथी कदम" जैसी टिप्पणियाँ कर चुका है, लेकिन इस बार इस मुद्दे को नजरअंदाज़ किया गया।

प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने यह भी कहा कि शी जिनपिंग ने बैठक के दौरान डार्विन पोर्ट का मुद्दा उठाया ही नहीं, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह विवाद बीजिंग की प्रमुख प्राथमिकताओं में अब नहीं है।

लेख में यह भी कहा गया,

“तीन साल पहले जिस संबंध को 'माइनफील्ड' की तरह बताया गया था, अब वह एक ऐसा विमान बन गया है जो तूफानों को पार कर 'स्ट्रैटोस्फियर' में उड़ान भर रहा है।”

चीनी अधिकारियों और व्यवसायियों ने अल्बनीज़ के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। शंघाई में शानदार आतिथ्य के बाद बीजिंग में उच्च स्तरीय वार्ताएँ हुईं। अल्बनीज़ ने भी ऑस्ट्रेलिया के व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चीन को एक महत्वपूर्ण भागीदार बताया।

हालाँकि दोनों देशों ने संबंधों को सुधारने का प्रयास किया है, लेकिन ताइवान, मानवाधिकारों, और समुद्री सुरक्षा जैसे मामलों पर मतभेद अब भी स्पष्ट हैं। अल्बनीज़ ने दोहराया,

“जहां हम सहयोग कर सकते हैं, वहाँ करेंगे – और जहां असहमति हो, वहाँ दृढ़ता से अपने रुख पर कायम रहेंगे।”

यह यात्रा दोनों देशों के बीच हालिया वर्षों की सबसे गर्मजोशी भरी कूटनीतिक पहल मानी जा रही है, जिससे भविष्य में व्यापार, निवेश और आपसी विश्वास की नई संभावनाएं खुल सकती हैं।