सिडनी:
ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े अप्रेंटिसशिप प्रदाता ने चेतावनी दी है कि देश में चल रही कुशल श्रमिकों की भारी कमी से अर्थव्यवस्था को $140 अरब (लगभग ₹9.3 लाख करोड़) की उत्पादकता हानि हो सकती है। इस संकट को रोकने के लिए प्रदाता ने सरकार से तत्काल $5 अरब (लगभग ₹33,000 करोड़) के निवेश की अपील की है।
इस संस्थान के अनुसार, यदि सरकार ने तत्काल कदम नहीं उठाए तो भविष्य में उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिससे निर्माण, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्रों में व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
संस्थान ने क्या कहा:
प्रदाता का कहना है कि वर्तमान अप्रेंटिसशिप प्रणाली में गिरावट आ रही है और नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए संसाधनों की भारी कमी हो गई है। यदि अब निवेश नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में कुशल श्रमिकों की गंभीर किल्लत हो जाएगी, जिससे देश की उत्पादन क्षमता और आर्थिक वृद्धि पर बुरा असर पड़ेगा।
क्या है माँग:
प्रदाता ने सरकार से मांग की है कि वह आगामी बजट में अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग और स्किल डिवेलपमेंट प्रोग्राम के लिए $5 अरब का विशेष पैकेज जारी करे, जिससे युवा पीढ़ी को व्यावसायिक कौशलों से लैस किया जा सके और उन्हें नौकरी के लायक तैयार किया जा सके।
विशेषज्ञों की राय:
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक प्रशिक्षण में निवेश करना केवल श्रम बाज़ार को सशक्त बनाता है, बल्कि आर्थिक विकास को भी गति देता है।