ईंधन संकट की आशंका के बीच ऑस्ट्रेलिया में घर से काम करने की अपील

ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन ने कहा—स्थिति नियंत्रण में, लेकिन लोगों से ईंधन बचाने की अपील

ईंधन संकट की आशंका के बीच ऑस्ट्रेलिया में घर से काम करने की अपील

वैश्विक स्तर पर बढ़ते ईंधन संकट के बीच ऑस्ट्रेलिया सरकार ने नागरिकों से घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने पर विचार करने की अपील की है। देश के ऊर्जा मंत्री Chris Bowen ने कहा कि फिलहाल स्थिति “संकटपूर्ण नहीं” है, लेकिन ईंधन की खपत कम करना जरूरी हो गया है।

मंत्री बोवेन ने जानकारी दी कि देश में पेट्रोल का भंडार लगभग 38 दिनों के लिए उपलब्ध है, जबकि डीजल और जेट फ्यूल का स्टॉक करीब 30 दिनों का है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में भंडार में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है और आपूर्ति भी नियमित रूप से जारी है।

सरकार का मानना है कि मौजूदा स्थिति आपूर्ति की कमी से ज्यादा मांग बढ़ने के कारण बनी है। खासकर लोगों द्वारा घबराहट में ईंधन खरीदने (पैनिक बाइंग) से दबाव बढ़ा है।

घर से काम करने की सलाह
मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसियों ने भी लोगों को यात्रा कम करने, वाहन की गति घटाने और जहां संभव हो, घर से काम करने की सलाह दी है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बोवेन ने कहा कि वर्क फ्रॉम होम अब ऑस्ट्रेलियाई कार्य संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और जहां संभव हो, इसे अपनाना एक समझदारी भरा कदम है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि सभी लोग यह विकल्प नहीं अपना सकते।

सरकार ने दी भरोसा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की सप्लाई बनी हुई है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और आयात भी लगातार जारी है।

बोवेन ने कहा, “स्थिति पर नजर रखी जा रही है और फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन नागरिकों को जिम्मेदारी से ईंधन का उपयोग करना चाहिए।”

आम लोगों पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संकट लंबा खिंचता है, तो इसका असर दैनिक जीवन, खासकर यात्राओं और ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को अपने यात्रा विकल्पों पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।