सिडनी/कैनबरा, 4 अप्रैल 2026।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले लोगों के लिए एक नई चेतावनी जारी की गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया के सबसे जहरीले सांप अब धीरे-धीरे आबादी वाले इलाकों, खासकर पूर्वी तट (ईस्ट कोस्ट) की ओर बढ़ रहे हैं। इसके पीछे मुख्य कारण बढ़ता तापमान और जलवायु परिवर्तन बताया जा रहा है।
हाल ही में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार, गर्मी बढ़ने के कारण सांप अपने पारंपरिक अंदरूनी (इनलैंड) इलाकों को छोड़कर ठंडे और नम तटीय क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं। इसका असर क्वींसलैंड, न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया जैसे राज्यों में अधिक देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, साल 2024 ऑस्ट्रेलिया का अब तक का सबसे गर्म वर्ष रहा, जिसके चलते सांपों से जुड़े मामलों में तेजी आई। उसी वर्ष सांप के काटने से संबंधित आपातकालीन कॉल में लगभग 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। केवल सितंबर से दिसंबर के बीच न्यू साउथ वेल्स में 300 से अधिक मामले सामने आए।
ऑस्ट्रेलिया में पाए जाने वाले तीन सबसे खतरनाक सांपों में इनलैंड ताइपन, ईस्टर्न ब्राउन स्नेक और कोस्टल ताइपन शामिल हैं। इनमें से ईस्टर्न ब्राउन स्नेक को सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है, क्योंकि यह देश में होने वाली अधिकतर मौतों के लिए जिम्मेदार है।
शोध के अनुसार, आने वाले वर्षों में खासकर 2050 तक ईस्टर्न ब्राउन स्नेक का विस्तार दक्षिण दिशा में और अधिक आबादी वाले क्षेत्रों तक हो सकता है। इससे इंसानों और सांपों के बीच संपर्क बढ़ने की संभावना है।
विश्व स्तर पर हर साल लाखों लोग सांप के काटने से प्रभावित होते हैं, जिनमें हजारों लोगों की मौत हो जाती है। World Health Organization ने इन मामलों को कम करने के लिए अगले कुछ वर्षों में 50 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य रखा है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, जैसे—घर के आसपास साफ-सफाई रखना, झाड़ियों को नियंत्रित करना और सांप दिखने पर खुद से पकड़ने की कोशिश न करना। साथ ही, सरकार और स्वास्थ्य सेवाओं को भी संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में एंटी-वेनम और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत बताई गई है।
निष्कर्ष:
जलवायु परिवर्तन के चलते सांपों का व्यवहार बदल रहा है और वे इंसानी बस्तियों के करीब आ रहे हैं। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।