ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी कंपनी का पतन, करदाताओं पर 258.5 मिलियन डॉलर का बोझ

ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी कंपनी का पतन, करदाताओं पर 258.5 मिलियन डॉलर का बोझ

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया में पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान कई बड़ी और नामी कंपनियों के दिवालिया होने से करदाताओं पर करोड़ों डॉलर का बोझ पड़ा है। सरकारी योजना फेयर एंटाइटलमेंट्स गारंटी (FEG) के तहत कर्मचारियों के बकाया भुगतान में 258.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर खर्च हुए।

सबसे बड़ा झटका रिटेल दिग्गज मोज़ेक ब्रांड्स के पतन से लगा, जो मिलर्स, रिवर्स, क्रॉसरोड्स, केटीज़, नोनी बी और ऑटोग्राफ जैसे ब्रांड्स की मालिक थी। कंपनी पर 318 मिलियन डॉलर का कर्ज था और इसके 4000 से अधिक कर्मचारी प्रभावित हुए। केवल Noni B के 1150 कर्मचारियों को 11.2 मिलियन डॉलर का भुगतान FEG से करना पड़ा। बांग्लादेश के 23 फैक्ट्री मालिकों पर कंपनी का 30 मिलियन डॉलर का बकाया था।

दूसरे और तीसरे स्थान पर दो एयरलाइंस रहीं – Rex Airlines के 310 कर्मचारियों को 7.3 मिलियन डॉलर और Bonza के 300 कर्मचारियों को 6.9 मिलियन डॉलर मिले। चौथे स्थान पर Montoro Roofing रही, जिसके 105 कर्मचारियों को 6.7 मिलियन डॉलर का भुगतान किया गया। वहीं, ऑनलाइन बुक रिटेलर Booktopia के 150 कर्मचारियों को 4 मिलियन डॉलर मिले।

अन्य प्रभावित कंपनियों में HS Fresh Food (200 कर्मचारी, 3.7 मिलियन डॉलर), A.S.I Electrics (180 कर्मचारी, 3.3 मिलियन डॉलर), Camatic (65 कर्मचारी, 3.2 मिलियन डॉलर), Tuftex Carpets (61 कर्मचारी, 3.1 मिलियन डॉलर) और Allroads Pty Ltd (102 कर्मचारी, 3 मिलियन डॉलर) शामिल हैं।

सिडनी विश्वविद्यालय के कॉर्पोरेट कानून विशेषज्ञ प्रोफेसर जेसन हैरिस ने कहा कि ऊंची ब्याज दरें, कोविड सहायता योजनाओं का खत्म होना और टैक्स वसूली की सख्ती बढ़ने से कंपनियों के दिवालिया होने के मामले बढ़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कई कंपनियां कर्मचारियों का सुपरएनुएशन (पेंशन फंड) नहीं जमा करतीं, जो FEG के तहत कवर नहीं होता और इससे कर्मचारियों का भविष्य खतरे में पड़ जाता है।

उन्होंने समय रहते जांच और कार्रवाई, कॉर्पोरेट नियामक ASIC की क्षमता बढ़ाने और Assetless Administration Fund को अधिक फंडिंग देने की मांग की, ताकि दोषी निदेशकों पर मुकदमे चलाए जा सकें।

आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में 15,000 कंपनियां बंद हुईं, जो वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान हुई 11,000 बंदियों से अधिक है। निर्माण, आतिथ्य और खुदरा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जबकि प्रोफेशनल सर्विसेज में भी दिवालियेपन के मामले बढ़ रहे हैं।