ऑस्ट्रेलिया में बढ़ती आवासीय कमी से पहली बार घर खरीदने वालों के लिए संकट गहरा

ऑस्ट्रेलिया में बढ़ती आवासीय कमी से पहली बार घर खरीदने वालों के लिए संकट गहरा

ऑस्ट्रेलिया में घरों की बढ़ती कीमतों और लगातार घटती आवासीय उपलब्धता ने पहली बार घर खरीदने की चाह रखने वाले लोगों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार देश में मकानों की कमी का संकट और गहराने वाला है, जिससे आने वाले वर्षों में नई पीढ़ी के लिए अपना घर खरीदना और मुश्किल हो सकता है।

ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रीय स्तर पर मकानों की औसत कीमत पहली बार 10 लाख डॉलर (1 मिलियन डॉलर) के पार पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या पिछले लगभग 25 वर्षों से धीरे-धीरे बनती आ रही है और अब इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि घर खरीदने की इच्छा रखने वाले करीब 26 प्रतिशत लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या बाजार में उपलब्ध मकानों की कमी है। वहीं इतने ही प्रतिशत लोग ऐसे भी हैं जिन्हें अपनी जरूरतों के अनुसार घर नहीं मिल पा रहा, क्योंकि नए घरों का निर्माण मांग के मुकाबले बहुत कम हो रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में पर्याप्त संख्या में नए घर नहीं बन पा रहे हैं, जिसके कारण मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकार ने वर्ष 2029 तक लगभग 12 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में यह लक्ष्य हासिल करना कठिन हो सकता है।

आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि आवासीय संकट को दूर करने में समय लगेगा। उनका मानना है कि जिस समस्या को बनने में दशकों लगे हैं, उसे हल करने में भी कम से कम पांच से दस साल का समय लग सकता है।

विशेषज्ञों ने सरकार और निर्माण क्षेत्र से मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि अधिक घरों का निर्माण हो सके और भविष्य में घर खरीदने की चाह रखने वाले लोगों के लिए स्थिति बेहतर बन सके।