पर्थ (ऑस्ट्रेलिया)।
ऑस्ट्रेलिया में विकसित की गई एक नई दवा ने सिर की चोट और कंकशन (Concussion) के इलाज में उम्मीद की नई किरण जगा दी है। पर्थ में तैयार की गई यह दवा ARG-007 को "वन शॉट वंडर" कहा जा रहा है, क्योंकि एक ही डोज़ से यह मस्तिष्क को गंभीर चोटों से बचा सकती है।
ARG-007 एक न्यूरो-प्रोटेक्टिव पेप्टाइड है, जिसे नसों में इंजेक्शन के माध्यम से दिया जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह बहुत छोटा अणु है, जो आसानी से दिमाग तक पहुँच जाता है और वहां मौजूद न्यूरॉन्स (नसों की कोशिकाओं) को चोट के तुरंत बाद होने वाले नुकसान से बचाता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिलेड में किए गए प्री-क्लिनिकल ट्रायल्स में यह दवा फेरेट्स (ferrets) पर सफल साबित हुई। परीक्षणों से यह सामने आया कि दवा ने न केवल मस्तिष्क को नुकसान से बचाया बल्कि याददाश्त और मोटर फंक्शन (चलने-फिरने की क्षमता) को भी बेहतर किया।
वैज्ञानिकों ने जानकारी दी कि मानव परीक्षण अगले वर्ष शुरू होंगे। शुरुआती चरण में इसे पर्थ और देश के अन्य अस्पतालों में लागू किया जाएगा।
इसके अलावा, स्ट्रोक मरीजों पर किए गए आपातकालीन परीक्षणों के परिणाम अगले महीने सामने आने वाले हैं।
डॉ. लिज़ डैलिमोर का कहना है,
“यह एक ऐसी दवा है जिसे हर एम्बुलेंस में होना चाहिए। यह लाखों ज़िंदगियों को बचा सकती है।”
वहीं, यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिलेड के एसोसिएट प्रोफेसर फ्रांसिस कोरिगन ने बताया कि यह दवा दिमाग के अंदर जाकर न्यूरॉन्स को सीधे सुरक्षा देती है और चोट से होने वाले स्थायी नुकसान को रोकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल लगभग 69 मिलियन लोग कंकशन या ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी से प्रभावित होते हैं। यह दुनिया भर में मौत और दिव्यांगता का एक बड़ा कारण है।
यदि ARG-007 मानव परीक्षणों में सफल होती है, तो यह दुनिया की पहली ऐसी दवा हो सकती है जो मस्तिष्क चोट से बचाव में सीधे काम करेगी।