ऑस्ट्रेलियाई अदालत ने हमास के आतंकी संगठन के दर्जे को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

ऑस्ट्रेलियाई अदालत ने हमास के आतंकी संगठन के दर्जे को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

कैनबरा, 19 फरवरी 2026

ऑस्ट्रेलिया की एक संघीय अदालत ने हमास को आतंकी संगठन घोषित किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका स्वदेशी अधिकारों के लिए सक्रिय कार्यकर्ता अंकल रॉबी थॉर्प ने दायर की थी।

अंकल रॉबी थॉर्प, जो सीनेटर लीडिया थॉर्प के रिश्तेदार हैं, ने संघीय न्यायालय में ऑस्ट्रेलियाई सरकार के उस निर्णय के खिलाफ न्यायिक समीक्षा की मांग की थी जिसमें हमास को आतंकी संगठन की सूची से हटाने से इनकार किया गया था। उनका तर्क था कि यह प्रतिबंध देश के संविधान में निहित राजनीतिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करता है।

गुरुवार को संघीय न्यायालय में न्यायमूर्ति ग्रेम हिल ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामले में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने याचिकाकर्ता को सरकार के कानूनी खर्च का भुगतान करने का भी आदेश दिया।

गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने मार्च 2022 में हमास को पूर्ण रूप से आतंकी संगठन घोषित किया था। इससे पहले, उसके सशस्त्र विंग ‘इज्ज़ अल-दीन अल-क़स्साम ब्रिगेड्स’ को नवंबर 2003 में ही प्रतिबंधित सूची में शामिल कर लिया गया था। उस समय की गृह मामलों की मंत्री करेन एंड्रयूज़ ने इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया था।

अक्टूबर 2023 में हमास ने स्वयं भी इस मामले में पक्षकार बनने की कोशिश की थी। संगठन का कहना था कि आतंकी घोषित किए जाने से संघर्ष विराम वार्ताओं पर असर पड़ा है और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हुआ है। हालांकि अदालत ने छह दिन बाद उसकी याचिका भी खारिज कर दी थी।

हमास 2007 से गाज़ा पट्टी में वास्तविक शासकीय नियंत्रण में है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा दक्षिणी इज़राइल पर किए गए हमले में 1200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसके जवाब में इज़राइल ने गाज़ा में व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं।

अदालत के बाहर अंकल थॉर्प ने कहा कि यह फैसला अपेक्षित था, लेकिन वे इस मुद्दे पर अपनी कानूनी और सामाजिक लड़ाई जारी रखेंगे।