ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और पहले पूर्णकालिक कोच बॉब सिम्पसन का शनिवार को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। सिम्पसन को क्रिकेट जगत में एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है जिन्होंने खिलाड़ी और कोच, दोनों ही भूमिकाओं में गहरा प्रभाव छोड़ा।
बॉब सिम्पसन ने 1957 से 1978 के बीच ऑस्ट्रेलिया के लिए 62 टेस्ट मैच खेले। वे ओपनिंग बल्लेबाजी में अपनी तकनीक और धैर्य के लिए मशहूर रहे। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 4,869 रन बनाए, जिसमें 10 शतक और 27 अर्धशतक शामिल रहे। उनका सबसे बड़ा स्कोर 311 रन का ऐतिहासिक पारी था, जिसे उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ खेला था।
खिलाड़ी करियर के बाद सिम्पसन ने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली। वे ऑस्ट्रेलियाई टीम के पहले पूर्णकालिक कोच बने। 1980 और 1990 के दशक में, जब टीम संकट और संक्रमण काल से गुजर रही थी, उन्होंने कप्तान एलन बॉर्डर और बाद में मार्क टेलर के साथ मिलकर टीम को मज़बूत नींव दी। उनके मार्गदर्शन में ही ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट ने अनुशासन, फिटनेस और सामूहिक खेल की नई संस्कृति विकसित की।
सिम्पसन का योगदान केवल आँकड़ों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने क्रिकेट में आधुनिक कोचिंग की नींव रखी और ऑस्ट्रेलिया को विश्व क्रिकेट में शीर्ष पर पहुँचाने की प्रक्रिया की शुरुआत की। आज की मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम की जड़ों में उनका परिश्रम और दृष्टिकोण शामिल है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और दुनिया भर के दिग्गज खिलाड़ियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सिम्पसन को हमेशा एक सच्चे क्रिकेट योद्धा और प्रेरणादायी कोच के रूप में याद किया जाएगा।