वैश्विक उथल-पुथल के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में तेज़ उछाल

फरवरी 2023 के बाद सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँची मुद्रा

वैश्विक उथल-पुथल के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में तेज़ उछाल

सिडनी, 28 जनवरी 2026।
वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में जारी अस्थिरता के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में ज़बरदस्त मजबूती देखी गई है। बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 70.1 अमेरिकी सेंट तक पहुँच गया, जो फरवरी 2023 के बाद इसका सबसे ऊँचा स्तर है। यह उछाल अमेरिका की मुद्रा डॉलर में तेज़ गिरावट और घरेलू महँगाई के अपेक्षा से अधिक आँकड़ों के बाद आया।

ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (ABS) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर तिमाही में महँगाई दर 0.9 प्रतिशत रही, जबकि बाज़ार अनुमान 0.8 प्रतिशत का था। इसके साथ ही वार्षिक महँगाई दर बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो गई, जो पिछली तिमाही में 3.4 प्रतिशत थी। इन आंकड़ों के तुरंत बाद विदेशी मुद्रा बाज़ार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में तेज़ खरीदारी देखी गई।

विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी डॉलर बीते कुछ महीनों में लगभग 8 प्रतिशत तक कमजोर हो चुका है और चार वर्षों के निचले स्तर पर आ गया है। इसकी प्रमुख वजह अमेरिका द्वारा दोबारा टैरिफ (आयात शुल्क) की धमकियाँ और वैश्विक व्यापार को लेकर बढ़ती अनिश्चितता मानी जा रही है।

इस दौरान कीमती धातुओं की कीमतों में भी ज़बरदस्त तेजी दर्ज की गई है। सोना पहली बार 5,100 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के पार चला गया, जबकि बीते एक वर्ष में सोने की कीमतों में लगभग 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। चाँदी और ताँबे में भी क्रमशः 96 प्रतिशत और 36 प्रतिशत की तेज़ी देखी गई है।

अंतरराष्ट्रीय शेयर बाज़ारों में भी मिला-जुला रुख रहा। न्यूयॉर्क में डाउ जोंस सूचकांक में मुनाफावसूली देखने को मिली, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक में बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों की निगाहें अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिज़र्व) की मौद्रिक नीति बैठक और प्रमुख तकनीकी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हुई हैं।

ऑस्ट्रेलिया में ब्याज दरों पर बढ़ी चिंता

उधर, ऑस्ट्रेलिया में बढ़ती महँगाई ने गृह ऋण (होम लोन) लेने वालों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये आंकड़े रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के लिए “निर्णायक मोड़” साबित हो सकते हैं। अगले सप्ताह होने वाली केंद्रीय बैंक की बैठक में ब्याज दरों को लेकर अहम फैसला लिया जा सकता है।

बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार यदि महँगाई इसी तरह ऊँचे स्तर पर बनी रहती है, तो ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें टल सकती हैं और दरों में और सख्ती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

कुल मिलाकर, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और घरेलू महँगाई के दबाव के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मौजूदा मजबूती निवेशकों और नीति-निर्माताओं — दोनों के लिए अहम संकेत मानी जा रही है।