कैनबरा। एक ताज़ा न्यूज़पोल सर्वे ने चौंकाने वाला रुझान उजागर किया है। सर्वे के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई नागरिक चीन की सैन्य ताक़त से ज़्यादा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ को लेकर चिंतित हैं।
ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया से आयात होने वाले कई उत्पादों पर भारी टैरिफ़ लगाने का संकेत दिया है। इनमें फ़ार्मास्युटिकल्स पर 250 प्रतिशत तक का शुल्क शामिल है।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने उच्च बेसलाइन टैरिफ़ से बचाव तो कर लिया, लेकिन फिर भी सभी अमेरिकी निर्यात पर 10 प्रतिशत का सामान्य शुल्क लगाया गया है।
इससे अलग, इस्पात, एल्यूमिनियम और तांबे जैसे उत्पादों पर 50 प्रतिशत का अलग से शुल्क वसूला जा रहा है।
1283 वोटरों से पूछे गए सर्वे में 42% लोगों ने कहा कि उन्हें “ट्रंप के टैरिफ़” से ज़्यादा ख़तरा है।
37% लोगों ने “चीन की सैन्य चुनौती” को बड़ा ख़तरा बताया।
जबकि 21% लोग तटस्थ रहे।
राजनीतिक रूप से मतदाताओं के बीच गहरी विभाजन रेखा भी दिखी।
लेबर पार्टी समर्थकों में 55% और ग्रीन पार्टी समर्थकों में 60% लोगों ने टैरिफ़ को सबसे बड़ा ख़तरा माना।
वहीं, 50% कोएलिशन समर्थकों ने चीन की सैन्य शक्ति को प्रमुख चिंता बताया।
इसी सर्वे में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ की रेटिंग भी सकारात्मक रही।
49% लोग उनके कामकाज से संतुष्ट दिखे।
46% लोग असंतुष्ट रहे।
सितंबर 2023 के बाद यह पहला अवसर है जब अल्बानीज़ को संतुष्टि के मामले में बढ़त मिली है। यह सर्वे उस समय किया गया जब उन्होंने फिलिस्तीन को मान्यता देने का ऐतिहासिक ऐलान किया।
👉 यह नतीजे इस बात को दर्शाते हैं कि ऑस्ट्रेलियाई जनता के लिए आर्थिक स्थिरता और व्यापारिक रिश्ते, क्षेत्रीय सुरक्षा से भी बड़ी चिंता बन चुके हैं।