एयरलाइंस को राहत देने के उपाय तलाश रहा उड्डयन मंत्रालय, एटीएफ टैक्स में कटौती पर विचार

एयरलाइंस को राहत देने के उपाय तलाश रहा उड्डयन मंत्रालय, एटीएफ टैक्स में कटौती पर विचार

नई दिल्ली, 30 मार्च (समाचार डेस्क):
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारतीय विमानन क्षेत्र पर बढ़ते दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार सक्रिय हो गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय एयरलाइंस को राहत देने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें सबसे प्रमुख कदम विमान ईंधन यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर टैक्स में कमी करना हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने इस मुद्दे पर राज्य सरकारों के साथ चर्चा शुरू कर दी है। मंत्रालय का मानना है कि एटीएफ पर लगने वाले उच्च वैट (VAT) के कारण एयरलाइंस की लागत काफी बढ़ जाती है, जिसे कम करना जरूरी है।

दरअसल, पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इसके अलावा कई देशों के हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध लगने से उड़ानों के रूट भी प्रभावित हुए हैं। इससे भारतीय एयरलाइंस की परिचालन लागत में भारी इजाफा हुआ है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी एयरलाइन की कुल लागत में एटीएफ का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत तक होता है। ऐसे में ईंधन पर टैक्स कम करने से कंपनियों को सीधी राहत मिल सकती है और टिकट कीमतों को भी नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।

वहीं, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भी स्थिति को देखते हुए ग्रीष्मकालीन उड़ानों की संख्या में कुछ कटौती की है, ताकि परिचालन को संतुलित किया जा सके।

मंत्रालय आने वाले दिनों में राज्यों के साथ मिलकर कोई ठोस निर्णय ले सकता है, जिससे विमानन उद्योग को इस संकट के दौर में स्थिरता मिल सके।