सिडनी/मेलबर्न: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती लोकप्रियता के बीच, अब इनकी वास्तविक ड्राइविंग रेंज को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में किए गए एक स्वतंत्र रोड टेस्ट में खुलासा हुआ है कि देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली पांच इलेक्ट्रिक कारें कंपनियों द्वारा बताई गई दूरी तय नहीं कर पाईं।
हकीकत कुछ और है
कार निर्माताओं द्वारा दिए गए आंकड़े आदर्श परिस्थितियों में किए गए परीक्षणों पर आधारित होते हैं। लेकिन असली सड़क पर, जहां मौसम, यातायात और ड्राइविंग स्टाइल जैसे कारक प्रभाव डालते हैं, वहां EV की परफॉर्मेंस में गिरावट देखी गई।
इन कारों ने किया निराश
जिन पांच लोकप्रिय मॉडलों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया, उनमें शामिल हैं:
Tesla Model 3
BYD Atto 3
MG ZS EV
Hyundai Kona Electric
Kia EV6
इन सभी मॉडलों ने कंपनी द्वारा बताई गई रेंज से 10% से लेकर 20% तक कम दूरी तय की। उदाहरण के लिए, एक मॉडल जिसे 500 किमी की रेंज का दावा किया गया था, वह हकीकत में सिर्फ लगभग 400 किमी ही चला।
ग्राहकों को मिल रही अधूरी जानकारी?
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राहकों को पूरी और पारदर्शी जानकारी देना कार कंपनियों की जिम्मेदारी है। ऑस्ट्रेलिया में EV अपनाने की रफ्तार तेज हो रही है, लेकिन यदि बैटरी की वास्तविक रेंज कम निकले तो यह उपभोक्ताओं में 'बैटरी एंग्जायटी' यानी बैटरी खत्म होने का डर पैदा कर सकता है।
क्या कहती हैं कंपनियाँ?
कार निर्माता यह कहते हैं कि उनकी रेंज 'WLTP' (Worldwide Harmonised Light Vehicles Test Procedure) मानकों पर आधारित है, जो आदर्श स्थिति में परीक्षण करता है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि हर देश की भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियाँ अलग होती हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर वास्तविक परीक्षण अनिवार्य है।