लिबरल कैंपेन और ब्रेथ्रेन कनेक्शन पर नया विवाद

लिबरल कैंपेन और ब्रेथ्रेन कनेक्शन पर नया विवाद

ऑस्ट्रेलिया में हाल ही हुए चुनावों के दौरान लिबरल पार्टी और प्लायमाउथ ब्रेथ्रेन क्रिश्चियन चर्च (PBCC) के बीच नज़दीकियों को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। यह आरोप लगाया जा रहा है कि चर्च के सदस्य चुनाव प्रचार में इतने गहरे तौर पर शामिल थे कि वे न सिर्फ़ उम्मीदवारों के लिए मतदान केंद्र तक जा रहे थे, बल्कि उनके घर तक साफ़ करने का काम कर रहे थे।

प्रचार में सक्रिय भूमिका

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, ब्रेथ्रेन के कई सदस्य अलग-अलग वेशभूषा में मतदान केंद्रों पर पहुँचे ताकि उन्हें पहचानना मुश्किल हो। वे लिबरल पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे थे। खासकर मेलबर्न की कुयोंग सीट पर यह गतिविधियाँ साफ़ तौर पर देखने को मिलीं।

लिबरल कैंपेनर्स की चिंता

लिबरल पार्टी के कुछ प्रचारक खुद मान रहे हैं कि अगर उनकी जीत ब्रेथ्रेन जैसे समूह के सहारे होती, तो यह पार्टी की साख के लिए नुकसानदायक साबित होता। एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने यहां तक कहा – “हमें खुशी है कि हम नहीं जीते, वरना यह जीत हमारे लिए बोझ बन जाती।”

नया जाँच आदेश

इन खुलासों के बाद अब इस पूरे मामले की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं। चुनाव आयोग और संबंधित प्राधिकरण यह देखेंगे कि धार्मिक संगठन किस हद तक राजनीतिक गतिविधियों में शामिल हुए और क्या यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर असर डालता है।

लोकतंत्र पर सवाल

यह मामला न सिर्फ़ लिबरल पार्टी बल्कि ऑस्ट्रेलियाई राजनीति के लिए भी चिंता का विषय है। सवाल यह है कि धार्मिक समूहों का प्रभाव चुनाव प्रक्रिया पर कितना गहरा है और क्या यह मतदाताओं की स्वतंत्र पसंद पर असर डाल सकता है।

👉 यह विवाद आने वाले समय में ऑस्ट्रेलियाई राजनीति में और भी गरमाहट ला सकता है, क्योंकि विपक्षी दल अब इस मुद्दे को भुनाने की तैयारी में हैं।