लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक और बहुजन आंदोलन के प्रमुख नेता कांशीराम की जयंती के अवसर पर उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार से उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न देने की अपील की है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि कांशीराम ने दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया और भारतीय राजनीति में सामाजिक न्याय की मजबूत आवाज बने।
वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी कांशीराम की जयंती पर उन्हें याद करते हुए केंद्र सरकार से यह सम्मान देने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने समाज के दबे-कुचले वर्गों को राजनीतिक शक्ति देने का काम किया और बहुजन समाज को संगठित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
मायावती ने कहा कि जिस प्रकार संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को लंबे समय तक भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया गया था, वैसी गलती वर्तमान केंद्र सरकार को नहीं दोहरानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांशीराम का योगदान देश में सामाजिक समानता और न्याय की स्थापना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी देशभर में कांशीराम की जयंती मनाते हुए उन्हें भारत रत्न देने की मांग उठाई। उनका कहना है कि कांशीराम ने बहुजन समाज को राजनीतिक जागरूकता और अधिकारों के लिए संघर्ष का रास्ता दिखाया, जिसके कारण वे इस सम्मान के वास्तविक हकदार हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांशीराम का बहुजन आंदोलन और सामाजिक न्याय की राजनीति में योगदान भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।